‘महिला विरोधी कदम’, बंगाल में चुनाव आयोग ने मुख्य सचिव और गृह सचिव को हटाया तो भड़कीं ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा के बाद भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने रविवार (15 मार्च, 2026) को राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती और गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा को पद से हटा दिया. राज्य के शीर्ष नौकरशाहों और पुलिस अधिकारियों के फेरबदल को लेकर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार (16 मार्च, 2026) को राजधानी कोलकाता में आयोजित एक रैली के दौरान चुनाव आयोग पर तीखा हमला किया.
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की ओर से मुख्य सचिव और गृह सचिव को हटाना बंगाल के कुशल अधिकारियों के प्रति गंभीर असम्मान को दर्शाता है. राज्य सरकार से परामर्श किए बिना महिला सचिव का तबादला करना महिला विरोधी कदम है.
ममता बनर्जी का BJP पर हमला
इस दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर भी तीखी हमला किया है. उन्होंने कहा कि भाजपा को शर्म आनी चाहिए, क्योंकि प्रधानमंत्री की रैली के दिन पार्टी समर्थित असामाजिक तत्वों ने बंगाल की मंत्री शशि पांजा के घर पर हमला किया. मैं भाजपा को चुनौती देती हूं कि वह मेरे और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अन्य नेताओं के घरों पर हमला करें, हम जानते हैं कि इसका सामना कैसे करना है.
उन्होंने कहा कि हम बीजेपी को सिक्सर मारेंगे, उसके कार्यकर्ताओं को अपनी पार्टी चुनने पर अफसोस होगा. ममता बनर्जी ने बंगाल के लोगों से कहा कि विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी का बहिष्कार करने के लिए एकजुट हो जाएं.
ECI ने नौकरशाहों का भी किया तबादला
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयोग ने जहां पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए तारीखों की घोषणा के बाद राज्य के शीर्ष नौकरशाहों के तबादले का आदेश जारी किया, वहीं इसके अगले दिन सोमवार (16 मार्च, 2026) को एक अन्य आदेश में चुनाव आयोग ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) पीयूष पांडे औक कोलकाता के पुलिस कमिश्नर सुप्रतिम सरकार को भी पद से हटा दिया. वे बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले बदले गए भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के चार शीर्ष अधिकारियों में शामिल हैं.
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