ममता की ‘चौथी पारी’ या भाजपा का प्रहार? ओपिनियन पोल ने खोला 5 राज्यों की 824 सीटों का राज!

इलेक्शन कमीशन ने रविवार (15 मार्च) को पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों की तारीखों का एलान कर दिया. इस साल पांच राज्यों की 824 विधानसभा सीटों पर मतदान होना है. बंगाल में इस बार आठ की जगह महज दो चरणों में चुनाव होगा. वहीं असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में एक ही चरण में चुनाव खत्म हो जाएगा. चुनाव की घोषणा के ठीक बाद एक ओपिनियन पोल भी आ गई. इसके मुताबिक बंगाल में भारतीय जनता पार्टी को मजबूत बढ़त मिल सकती है. इसी तरह सभी राज्यों की जनता के मूड का अंदाजा लग गया है.
विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा के साथ ही आईएएनएस-मैटराइज का ओपिनियन पोल सामने आया है, जिसमें तमिलनाडु और केरल में किसकी सरकार बनेगी, इसे लेकर दोनों राज्यों की जनता से राय ली गई है.
दोनों दक्षिणी राज्यों में क्षेत्रीय पार्टियों का दबदबा कायम है, लेकिन नए दावेदार उनकी बादशाहत को चुनौती देते दिख रहे हैं. अभिनेता से राजनेता बने विजय के नेतृत्व वाली टीवीके मतदाताओं के एक बड़े वर्ग को अपनी ओर खींचती दिख रही है, जबकि केरल में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को दोहरे अंकों में वोट मिलने का अनुमान है. हालांकि, इससे चुनाव नतीजों पर कोई खास असर पड़ने की उम्मीद नहीं है.
तमिलनाडु में विजय की पार्टी को कितनी मिल सकती हैं सीटें
ओपिनियन पोल के मुताबिक तमिलनाडु में एआईएडीएमके गठबंधन को बढ़त मिलती दिख रही है और उसे 114 से 127 सीटें मिल सकती हैं, जबकि डीएमके गठबंधन को 104 से 114 सीटों का अनुमान है. अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके को 6 से 12 सीटें मिल सकती हैं. वोट शेयर में एआईएडीएमके को करीब 39-40 प्रतिशत और डीएमके को 37-38 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना जताई गई है.
केरल में किसकी बन सकती है सरकार
केरल में एलडीएफ और यूडीएफ के बीच कड़ा मुकाबला दिख रहा है, लेकिन एलडीएफ को हल्की बढ़त मिलती नजर आ रही है. सर्वे के मुताबिक एलडीएफ को 61 से 71 सीटें और यूडीएफ को 58 से 69 सीटें मिल सकती हैं. भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को करीब 12-13 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है, लेकिन सीटें करीब दो ही मिल सकती हैं.
बंगाल में भाजपा को मिल सकती है मजबूत बढ़त
पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के लिए दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा, वहीं 4 मई को नतीजे आएंगे. ओपिनियन पोल के मुताबिक राज्य में ममता बनर्जी की टीएमसी लगातार चौथी बार सत्ता में लौट सकती है. सर्वे में टीएमसी को 155 से 170 सीटें और 43-45 प्रतिशत वोट शेयर मिलने का अनुमान है, जबकि भाजपा को 100 से 115 सीटें और 41-43 प्रतिशत वोट शेयर मिल सकता है. दूसरी पार्टियों को 5 से 7 सीटें और 13-15 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना जताई गई है.
असम में भाजपा को मिलेगी बढ़त या कांग्रेस होगी मजबूत?
ओपिनियन पोल के मुताबिक असम में भाजपा गठबंधन को स्पष्ट बढ़त मिलती दिख रही है और उसे 96 से 98 सीटें मिलने का अनुमान है. वहीं कांग्रेस गठबंधन को 26 से 28 सीटें और अन्य को 2 से 8 सीटें मिल सकती हैं. वोट शेयर में एनडीए को 43-44 प्रतिशत, कांग्रेस गठबंधन को 39-40 प्रतिशत और अन्य को 18-20 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान जताया गया है.
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