Azamgarh news :साइबर फ्रॉड का रुपया पुलिस ने पीड़ित के खाते में कराया वापस


आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव
आवेदक रविन्द्र मौर्या पुत्र हरिशचन्द्र मौर्या निवासी नरौली थाना सिधारी जनपद आजमगढ़ के मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा फोन किया गया। फोन करने वाले ने कहा कि “तुम्हारे दोस्त ने पैसे भेजने के लिए कहा है।” चूंकि आवेदक के मित्र ने पूर्व में उससे उधार लिया था, इसलिए आवेदक को विश्वास हो गया। कॉलर ने कहा कि “पैसा चेक करो।” जैसे ही आवेदक ने अपने मोबाइल पर राशि चेक की, उसके बैंक खाते से कुल ₹30,002/- कट गये। बाद में जानकारी होने पर कि उसके साथ साइबर ठगी हुई है, आवेदक द्वारा साइबर शिकायत ऑनलाइन NCRP पोर्टल पर दर्ज कराई गई।
बरामदगी का विवरण-
शिकायत प्राप्त होने के उपरांत थाना सिधारी पुलिस द्वारा त्वरित विधिक कार्यवाही करते हुए संबंधित बैंक/पोर्टल से समन्वय स्थापित किया गया। तत्पश्चात पीड़ित का पूरा धनराशि ₹30,002/- उसके खाते में सफलतापूर्वक वापस कराई गई। पीड़ित द्वारा पुलिस की कार्यवाही पर संतोष व्यक्त किया गया।
साइबर फ्रॉड का तरीका (Modus Operandi)-
इस प्रकार की ठगी में अपराधी–
खुद को परिचित/दोस्त का परिचित बताकर विश्वास जीतते हैं।
“पैसा भेजा है, चेक करो” जैसे बहाने से लिंक/रिक्वेस्ट भेजते हैं।
UPI/स्क्रीन शेयरिंग/फर्जी कॉल के माध्यम से खाते से धनराशि निकाल लेते हैं।
जल्दबाजी और भ्रम की स्थिति पैदा कर पीड़ित को सोचने का मौका नहीं देते।
साइबर फ्रॉड से बचाव के उपाय-
1. किसी भी अज्ञात कॉल/लिंक पर तुरंत विश्वास न करें।
2. बिना पुष्टि किए किसी भी UPI रिक्वेस्ट को Accept न करें।
3. OTP, UPI PIN, ATM PIN, CVV आदि किसी के साथ साझा न करें।
4. Screen Sharing App (AnyDesk, TeamViewer आदि) अनजान व्यक्ति के कहने पर डाउनलोड न करें।
5. सोशल मीडिया या फोन पर पैसे से संबंधित जानकारी सावधानीपूर्वक दें।
6. मित्र/परिचित के नाम से पैसा मांगने पर पहले सीधे उनसे संपर्क कर पुष्टि करें।
शिकायत हेतु महत्वपूर्ण जानकारी-
यदि भविष्य में किसी प्रकार की साइबर ठगी होती है तो–
तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल www.cybercrime.gov.inपर शिकायत दर्ज करें।
अपने नजदीकी थाने पर स्थापित साइबर हेल्प डेस्क से संपर्क करें।
समय पर शिकायत करने से धनराशि वापस मिलने की संभावना अधिक रहती है।



