दिल्ली आबकारी केस: नई शराब नीति लागू करने से लेकर बरी होने तक, जानें अब तक क्या-क्या हुआ?

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया आबकारी केस में बरी हो गए हैं. शराब नीति मामले में स्पेशल राउज एवेन्यू कोर्ट ने दोनों समेत 23 लोगों को आरोपों से मुक्त कर दिया है. सीबीआई से जुड़े केस में कोर्ट ने शुक्रवार (27 फरवरी) को अपना फैसला सुनाया है.
आम आदमी पार्टी की सरकार में मनीष सिसोदिया के पास आबकारी विभाग का कार्यभार था. कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी भी तरह की साजिश या कोई आपराधिक इरादा नहीं था. अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को कोर्ट की तरफ से बड़ी राहत मिली है.
आइए जानते हैं केस की पूरी टाइमलाइन
नवंबर 2021
सरकार ने नवंबर 2021 में लागू की नई शराब नीति 2020 में दिल्ली सरकार ने नई शराब नीति लाने की बात कही थी। मई 2020 में दिल्ली सरकार नई शराब नीति लेकर आई, जिसे 17 नवंबर 2021 से लागू कर दिया गया. उस समय उत्पाद शुल्क विभाग का नेतृत्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया करते थे.
8 जुलाई 2022
दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार ने उपराज्यपाल कार्यालय और सीएम कार्यालय को एक रिपोर्ट सौंपी. उन्होंने आरोप लगाया कि नीति के कार्यान्वयन में प्रक्रियात्मक खामियां थीं और लाइसेंसधारकों को निविदा के बाद लाभ दिया गया था. रिपोर्ट में कहा कि सरकारी खजाने को 580 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय नुकसान होने का अनुमान है.
सरकार पर लगे 4 मुख्य नियमों को तोड़ने के आरोप
- GNCTD अधिनियम 1991
- व्यावसायिक लेन देन नियम (टीओबीआर) 1993
- दिल्ली उत्पाद शुल्क अधिनियम 2009
- दिल्ली उत्पाद शुल्क नियम 2010
22 जुलाई 2022
दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने दिल्ली में सरकार की नई उत्पाद शुल्क नीति की CBI जांच के आदेश दिए.
30 जुलाई 2022
दिल्ली सरकार ने नई आबकारी नीति वापस लेने का फैसला किया
17 अगस्त 2022
CBI ने केस दर्ज किया
इन प्रमुख AAP नेताओं को किया गया गिरफ्तार फिर मिली जमानत
मनीष सिसोदिया
गिरफ्तार: 26 फरवरी, 2023 – CBI, 9 मार्च 2023- ED
जमानत: 9 अगस्त 2024
मामला: दिल्ली शराब नीति घोटाला
संजय सिंह
गिरफ्तार: 4 अक्टूबर 2023
जमानत: 2 अप्रैल, 2024
मामला: दिल्ली शराब नीति घोटाला
अरविंद केजरीवाल
गिरफ्तार: 21 मार्च, 2024
जमानत: 13 सितंबर 2024
मामला: दिल्ली शराब नीति घोटाला
फिलहाल इस चर्चित मामले में तीनों बड़े नेताओं को बरी कर दिया है. इससे देश की राजनीति में भूचाल आ गया है.



