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एयर एंबुलेंस हादसे पर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने उठाए सवाल, पूछा- कौन जिम्मेदार?

झारखंड में चतरा जिले के सिमरिया के पास एयर एम्बुलेंस दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद उसमें सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई और उनके शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल ले जाया गया है. अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी.

इस बीच झारखंड सरकार में मंत्री और कांग्रेस नेता इरफान अंसारी ने भारत सरकार पर सवाल उठाए हैं. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने चतरा में एयर एम्बुलेंस क्रैश पर कहा, ‘भारत सरकार क्या कर रही है? अहमदाबाद, बारामती, और अब यह, इन घटनाओं के लिए कौन ज़िम्मेदार है? हमारे यहां अच्छे हॉस्पिटल नहीं हैं, इसलिए लोग इलाज के लिए बाहर जा रहे हैं. हमारी तरफ से, हम पूरा सपोर्ट करेंगे, और जो भी ज़िम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ़ सख़्त एक्शन लिया जाएगा.’  इरफान अंसारी ने कहा, जांच का विषय है, एक्सपर्ट लोगों की टीम आ रही है .वो जांच करेगी उसके बाद सच्चाई पता चलेगी.

‘रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड’ द्वारा संचालित बीचक्राफ्ट सी90 एयर एम्बुलेंस रांची से दिल्ली जा रही थी, तभी सोमवार शाम को यह सिमरिया के जंगली इलाके में स्थित बरियातु पंचायत क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें दो पायलट सहित विमान में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई.

एक अधिकारी ने  बताया, ‘हम सभी सात शवों को पोस्टमार्टम के लिए चतरा स्थित सदर अस्पताल लेकर आए हैं. दुर्घटना की जांच की जा रही है.’

उन्होंने बताया कि विमान ने रांची हवाई अड्डे से शाम सात बजकर 11 मिनट पर उड़ान भरी थी और लगभग साढ़े सात बजे लापता हो गया. उड़ान भरने के लगभग 20 मिनट बाद विमान का वायु यातायात नियंत्रण विभाग से संपर्क टूट गया.

एयर एंबुलेंस का हादसा क्यों हुआ?

रांची हवाई अड्डे के निदेशक विनोद कुमार ने कहा कि खराब मौसम दुर्घटना का एक संभावित कारण हो सकता है, हालांकि सटीक कारण विस्तृत जांच के बाद ही पता चलेगा.

मृतकों की पहचान कैप्टन विवेक विकास भगत, कैप्टन सवराजदीप सिंह, संजय कुमार, डॉ. विकास कुमार गुप्ता, सचिन कुमार मिश्रा, अर्चना देवी और धुरु कुमार के रूप में हुई है.

इस बीच, चतरा जिले में शोक का माहौल है. दुर्घटना में मारे गए लोगों के करीबी और प्रियजन सदमे में हैं.

दुर्घटना में जान गंवाने वाले डॉ. विकास कुमार गुप्ता के पिता बजरंगी प्रसाद ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे को डॉक्टर बनाने के लिए अपनी सारी जमीन बेच दी थी, जिसकी तैनाती रांची के सदर अस्पताल में थी.

प्रसाद ने बताया, ‘उसका सात साल का बेटा है. वह मेधावी छात्र था और उसने ओडिशा के कटक से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी.’ वहीं, संजय कुमार (41) के परिवार के सदस्यों ने इस त्रासदी के लिए ‘खराब’ स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को जिम्मेदार ठहराया.

उनके एक रिश्तेदार ने कहा, ‘अगर रांची में मेरे बहनोई संजय का सही इलाज हो जाता, तो अनमोल जानें बचाई जा सकती थीं. इस घटना में मैंने संजय और बहन अर्चना देवी दोनों को खो दिया.’

चतरा की उपायुक्त कीर्तिश्री जी ने बताया था कि दुर्घटनास्थल से सभी सात मृतकों के शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए चतरा अस्पताल ले जाए गए हैं.

चतरा हादसे पर क्या है DGCA का बयान?

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एक बयान में कहा कि बीचक्राफ्ट सी90 विमान (वीटी-एजेवी) रांची-दिल्ली मार्ग पर मरीजों को ले जा रहा था तभी वह चतरा जिले की कसरिया पंचायत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया.

इसमें कहा गया है, ‘विमान ने भारतीय समयानुसार सात बजकर 11 मिनट पर रांची से उड़ान भरी. सात बजकर 34 मिनट पर कोलकाता से संपर्क स्थापित करने के बाद विमान का वाराणसी से लगभग 100 समुद्री मील दक्षिण-पूर्व में कोलकाता से संचार और रडार संपर्क टूट गया.’

बयान में कहा गया है कि विमान में चालक दल के दो सदस्यों सहित सात लोग सवार थे. वायुयान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (एएआईबी) की एक टीम को दुर्घटनास्थल पर भेजा गया है.

AZMI DESK

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