JNU में आधी रात को छिड़ा संग्राम! ABVP-लेफ्ट भिड़ंत में पथराव, कई छात्र घायल

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में एक बार फिर ABVP और लेफ्ट समर्थित छात्र संगठनों के बीच झड़प का मामला सामने आया है. ABVP सूत्रों के मुताबिक 22 फरवरी की रात करीब 1:30 बजे पथराव हुआ, जिसमें JNU के ABVP मीडिया संयोजक विजय जायसवाल गंभीर रूप से घायल हो गए.
आरोप है कि देर रात हुई इस मारपीट में कई अन्य छात्र भी घायल हुए. बताया जा रहा है कि स्कूल बिल्डिंग पर ताला लगाए जाने के मुद्दे पर लेफ्ट के कदम का ABVP द्वारा विरोध किए जाने के बाद विवाद बढ़ा और हंगामा शुरू हो गया.
क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि स्कूल बिल्डिंग पर ताला लगाए जाने के मुद्दे को लेकर विवाद शुरू हुआ. ABVP ने लेफ्ट समर्थित छात्र संगठनों के इस कदम का विरोध किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस बढ़ी और देखते ही देखते मामला हिंसा में बदल गया.
आरोप है कि देर रात छात्रों के दो गुट आमने-सामने आ गए और परिसर में हंगामा शुरू हो गया. ABVP का कहना है कि इस दौरान पथराव किया गया और कई छात्रों के साथ मारपीट की गई.
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— ABP News (@ABPNews) February 23, 2026
ABVP का आरोप और मांग
ABVP ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट कर घटना को भीषण हिंसा बताया. पोस्ट में कहा गया कि वामपंथी गुटों द्वारा किए गए हमले में छात्र गंभीर रूप से घायल हुए और उनका एकमात्र दोष पुस्तकालय में शांतिपूर्वक पढ़ाई करना था. पोस्ट में यह भी कहा गया कि यह राजनीति नहीं बल्कि छात्रों के खिलाफ लक्षित हिंसा है. संगठन ने तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए दिल्ली पुलिस से तुरंत हस्तक्षेप की अपील की है.
हमले को लेकर गंभीर आरोप
ABVP के एक कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि वामपंथी गुटों ने विचारधारा से असहमत छात्रों को निशाना बनाया. उनका कहना है कि विश्वविद्यालय सुरक्षाकर्मियों और पुलिस की मौजूदगी में भी मारपीट की गई. आरोप के मुताबिक मनीष चौधरी, जो एसएसएस के पूर्व पार्षद बताए जा रहे हैं, और कई अन्य लोगों पर हमला हुआ. छात्रों की ओर भीड़ को ले जाकर लाठियों, घूंसे और लातों से हमला किए जाने का दावा किया गया है.
ABVP का आरोप है कि 70 से अधिक लोगों की भीड़ ने इस हिंसा को अंजाम दिया. संगठन ने दावा किया कि इस भीड़ का नेतृत्व कथित तौर पर प्रणंजय, दाऊद सिद्दीकी और दानिश अली समेत अन्य लोगों ने किया. फिलहाल मामले को लेकर परिसर में तनाव की स्थिति बनी हुई है. घटना के बाद कार्रवाई और जिम्मेदारों की पहचान को लेकर छात्र संगठनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है.



