महाराष्ट्र: लव जिहाद रोकने के लिए मैरिज रजिस्ट्रेशन कानून में हो बदलाव, किरीट सौमेया की CM फडणवीस से मांग

गुजरात सरकार ने कथित ‘लव जिहाद’ से जुड़े विवाह पंजीकरण को लेकर कानून में संशोधन किया है. इस बीच महाराष्ट्र में भी इसी तरह के प्रावधान लागू करने की मांग तेज हो गई है. किरीट सोमैया ने मांग की है कि गुजरात की तर्ज पर महारास्ट्र में भी यही नियम लागू किया जाए.
उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से अपील की है. किरीट सौमेया ने कहा कि ऐसे मामलों में विवाह पंजीकरण के लिए आवेदन करने पर हिंदू युवतियों के माता-पिता को अनिवार्य रूप से सूचित किया जाए. गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने विवाह पंजीकरण में संशोधन करते हुए अब शादी करने वाले लड़कों-लड़कियों के माता पिता को भी शामिल करने का फैसला लिया है.
इससे सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी
उनका कहना है कि इससे उन मामलों में सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी, जहां कथित तौर पर पहचान छिपाकर या झूठे वादों के जरिए युवतियों को विवाह के लिए प्रेरित किया जाता है. प्रस्ताव में यह भी सुझाव दिया गया है कि विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया आवेदन के बाद 40 दिनों की अवधि पूरी होने के बाद ही संपन्न की जाए.
बीजेपी नेता ने किया ये दावा
किरीट का दावा है इससे संभावित विवादित मामलों की जांच और सत्यापन के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा. हालांकि, इस मुद्दे को लेकर विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के बीच मतभेद भी सामने आ रहे हैं. कुछ संगठनों का कहना है कि ऐसे प्रावधानों से व्यक्तिगत स्वतंत्रता और वयस्कों के विवाह संबंधी अधिकारों पर प्रभाव पड़ सकता है.
गौरतलब है कि गुजरात में किए गए संशोधन के बाद अब अन्य राज्यों में भी इस तरह के कानून को लेकर चर्चा तेज हो गई है. महाराष्ट्र सरकार की ओर से इस मांग पर अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. बीजेपी नेता किरीट सौमेया ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर इस संशोधन की मांग की है.



