शाकिब अल हसन और मशरफे मुर्तजा लौटेंगे बांग्लादेश! यूनुस सरकार ने किया था नाक में दम, शेख हसीना के दोनों हैं करीबी

Will Shakib Al Hasan & Mashrafe Mortaza Return To Bangladesh: बांग्लादेश में सरकार बदलते ही क्रिकेट का माहौल भी बदलने लगा है. तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी सरकार के शपथ ग्रहण के कुछ ही घंटों बाद नए खेल मंत्री अमीनुल हक ने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि वे दिग्गज ऑलराउंडर शाकिब अल हसन और पूर्व कप्तान मशरफे मुर्तजा को एक बार फिर बांग्लादेशी क्रिकेट के मुख्य धारा में देखना चाहते हैं. ये कदम पिछले कुछ महीनों से चल रहे राजनीतिक और खेल तनाव को खत्म करने की दिशा में एक बड़ी पहल मानी जा रही है.
यूनुस सरकार के सख्त रवैया से अलग नई रणनीति
मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान शाकिब अल हसन और मशरफे मुर्तजा के प्रति सख्त रवैया अपनाया गया था. उस समय के खेल सलाहकार आसिफ महमूद ने तो यहां तक कह दिया था कि जिनके हाथ लोगों के खून से रंगे हैं, उन्हें राष्ट्रीय जर्सी पहनने की अनुमति नहीं दी जाएगी. हालांकि, अमीनुल हक ने कहा है कि वे इन दिग्गजों पर दर्ज हत्या और भ्रष्टाचार के मामलों का राज्य स्तर पर जल्द समाधान चाहते हैं, ताकि उनकी देश वापसी का रास्ता साफ हो सके.
खेल और राजनीति को अलग रखने की कोशिश
खेल मंत्री अमीनुल हक, जो खुद पूर्व बांग्लादेशी फुटबॉल कप्तान रहे हैं, उन्होंने खेल और राजनीति को अलग रखने पर जोर दिया है. बीएनपी नेता मिर्जा फखरुल ने भी स्पष्ट किया है कि कोई खिलाड़ी टीम में रहेगा या नहीं, ये उसकी राजनीति नहीं बल्कि उसकी फॉर्म पर निर्भर करना चाहिए. ये बयान उन अटकलों को विराम देता है, जिनमें कहा जा रहा था कि अवामी लीग से जुड़े होने के कारण इन खिलाड़ियों का करियर पूरी तरह खत्म हो चुका है.
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की भविष्य पर नजर
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के अंदर इस समय उथल-पुथल का माहौल है. कई निदेशकों के इस्तीफे और अंदरूनी कलह के बीच, खेल मंत्री ने बोर्ड के पिछले चुनावों को संदिग्ध करार दिया है. उन्होंने संकेत दिया है कि वे जल्द ही बोर्ड अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे, ताकि प्रशासनिक खामियों को दूर किया जा सके.



