शरीर पर जलने के निशान, छाती पर भारी.. जनकपुरी हादसे के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे

दिल्ली के जनकपुरी इलाके में बाइक सवार की मौत के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खोदे गए गड्ढे में गिरने से हुई इस दुर्घटना में मृतक कमल की शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है. रिपोर्ट के अनुसार कमल की मौत दम घुटने से हुई और यह मामला एक दुर्घटना बताया गया है. यह हादसा 6 फरवरी की देर रात हुआ था, जिसकी जानकारी अगली सुबह प्रशासन को मिली.
छाती पर भारी सामना गिरने से सांस लेने में दिक्कतें!
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि हादसे के दौरान कमल की बाइक उसके ऊपर गिर गई होगी, जिससे उसकी छाती पर भारी दबाव पड़ा. रिपोर्ट के मुताबिक छाती पर किसी कठोर और भारी वस्तु के गिरने से सांस लेने की प्रक्रिया बाधित हुई. इसके साथ ही मृतक के मुंह और नाक में मिट्टी भर जाने के कारण उसे सांस लेने में दिक्कत हुई और अंततः दम घुटने से उसकी मौत हो गई. हालांकि रिपोर्ट में मौत का सटीक समय स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं किया गया है.
शरीर पर जलने के भी मिले निशान!
पोस्टमार्टम के दौरान शरीर पर मिले जलने के निशान को लेकर भी अहम जानकारी सामने आई है. रिपोर्ट के अनुसार मृतक की दाहिनी जांघ पर पाया गया जलने का निशान मौत के बाद बना हो सकता है. आशंका जताई गई है कि हादसे के बाद काफी देर तक शरीर का एक हिस्सा बाइक के साइलेंसर के संपर्क में रहने से यह निशान बना. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस जलने के निशान का सीधे तौर पर मौत से कोई संबंध नहीं है.
गौरतलब है कि यह हादसा पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में उस समय हुआ, जब सड़क पर दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खुदाई का काम चल रहा था. गड्ढे की पर्याप्त घेराबंदी या चेतावनी संकेत नहीं होने की बात भी सामने आई है. मृतक की पहचान कमल के रूप में हुई है, जो एचडीएफसी बैंक में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर कार्यरत थे. वह कैलाशपुरी के रहने वाले थे और घटना के समय रोहिणी स्थित अपने ऑफिस से घर लौट रहे थे. हादसे के बाद इस मामले ने प्रशासनिक लापरवाही को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं और जांच जारी है.



