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Rajasthan: जयपुर में बछड़े का सिर लटकाने की फैलाई गई अफवाह, जांच में सामने आई पूरी सच्चाई

जयपुर के श्याम नगर इलाके में सोमवार (9 फरवरी) शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि एक चौराहे पर बछड़े का सिर काटकर लटकाया गया है. सूचना बेहद संवेदनशील थी, इसलिए श्याम नगर थाना पुलिस, साउथ जिले के अधिकारी और अतिरिक्त पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंच गए. इलाके में किसी भी तरह की अनहोनी से बचने के लिए कुछ समय के लिए सतर्कता भी बढ़ा दी गई.

मौके पर जांच के बाद बदली तस्वीर

पुलिस ने जब मौके पर पहुंचकर बारीकी से जांच की तो सामने आया कि सूचना पूरी तरह झूठी और भ्रामक थी. किसी भी चौराहे या सार्वजनिक स्थान पर बछड़े का सिर लटकाए जाने जैसी कोई घटना नहीं हुई थी. न ही मामले का कोई सांप्रदायिक या धार्मिक एंगल सामने आया. पुलिस ने साफ किया कि हालात को बिगाड़ने की कोशिश अफवाह के जरिए की गई थी.

डीसीपी (साउथ) राजर्षि राज ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हो गया कि पुलिस को जानबूझकर गुमराह करने के उद्देश्य से यह सूचना दी गई थी. इस मामले में शैलेष मीणा (21) निवासी अशोकपुरा, श्याम नगर और इन्द्र खोडा (21) निवासी राजीव नगर, हसनपुरा को राउंडअप किया गया है. दोनों पर झूठी सूचना देने और शांति भंग करने की कोशिश करने का आरोप है.

जांच के दौरान एक अहम तथ्य सामने आया. गाय के मालिक बंटी उर्फ सत्यनारायण शर्मा (46) की गाय का बछड़ा एक दिन पहले मर गया था. नगर निगम की तय प्रक्रिया के अनुसार मृत बछड़े को हिंगोनिया गौशाला भेज दिया गया था.

बछड़े की मौत के बाद गाय ने दूध देना बंद कर दिया. स्थानीय लोगों की सलाह और भावनात्मक दबाव में आकर बंटी शर्मा गौशाला से अपने मृत बछड़े के सिर का एक हिस्सा लेकर आया.

बताया गया कि उसने बछड़े के सिर में भूसा भरकर उसे अपनी गाय के सामने बांध दिया, ताकि गाय उसे देखकर दोबारा दूध देना शुरू कर दे. यह पूरा मामला निजी स्थान का था और इसका सार्वजनिक जगह से कोई लेना-देना नहीं था.

अफवाह ने बिगाड़ा माहौल

मौके पर मौजूद शैलेष मीणा और इन्द्र खोडा ने इस घटना को तोड़-मरोड़ कर पेश किया और पुलिस को फोन कर दिया कि चौराहे पर बछड़े का सिर लटकाया गया है. इसी झूठी सूचना के चलते पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा और इलाके में अनावश्यक तनाव की स्थिति बन गई.

पुलिस की सख्त चेतावनी

श्याम नगर थाना प्रभारी दलबीर सिंह ने बताया कि झूठी सूचना के कारण पुलिस संसाधनों का दुरुपयोग हुआ है. मामले में कानूनी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जाएगी.

पुलिस ने साफ कहा है कि यह मामला पूरी तरह अफवाह आधारित है और इसका किसी भी धार्मिक या सांप्रदायिक घटना से कोई संबंध नहीं है. साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि बिना पुष्टि किसी भी संवेदनशील जानकारी को न फैलाएं, वरना सख्त कार्रवाई की जाएगी.

इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने भी प्रशासन और सरकार पर सवाल उठाए थे. हालांकि पुलिस की जांच के बाद स्थिति साफ हो गई है और अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.

AZMI DESK

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