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राजस्थान: बूंदी में शिक्षा विभाग ने धार्मिक कथा में लगाई सरकारी टीचर्स की ड्यूटी, मचा बवाल

राजस्थान में शिक्षा विभाग के एक और आदेश पर बवाल मच गया है. बूंदी जिले में आयोजित धर्म कथा में सरकारी टीचर्स की ड्यूटी लगाए जाने पर ये विवाद छिड़ा है. दरअसल, बूंदी जिले में इन दिनों नौ दिवसीय महायज्ञ और राम कथा का आयोजन हो रहा है और यह आयोजन गैर सरकारी है, जिसमें सरकारी टीचर्स की भी ड्यूटी लगा दी गई है.

यह आयोजन बांसी इलाके में श्री अंबिका माता मंदिर में हो रहा है, नौ दिवसीय महायज्ञ और राम कथा का आयोजन मंदिर की समिति करा रही है. शिक्षा विभाग ने मंदिर में आयोजित महायज्ञ और राम कथा के कार्यक्रम में सरकारी स्कूलों के टीचर्स की भी ड्यूटी लगा दी है.

इन 5 टीचर्स की लगाई गई ड्यूटी

चार सरकारी स्कूलों के पांच टीचर्स को अब 7 फरवरी तक स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के बजाय राम कथा में व्यवस्थाओं में सहयोग करना होगा. इस कार्यक्रम में वरिष्ठ अध्यापक अमित विजयवर्गीय, अध्यापक भगवती प्रसाद शर्मा, फिजिकल टीचर महावीर कुमार जैन, सहायक शिक्षक श्याम सुंदर शर्मा और टीचर पंकज कुमार शर्मा की ड्यूटी लगाई गई है.

इसके लिए ब्लॉक शिक्षा अधिकारी की तरफ से बाकायदा आदेश जारी किया गया है, जिसमें टीचर्स के स्कूलों के सिर को इन्हें 7 फरवरी तक रिलीव करने को कहा गया है. शिक्षा विभाग के इस आदेश पर कांग्रेस पार्टी ने इस पर सवाल उठाए हैं.

कांग्रेस ने उठाए सवाल

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा है कि राजस्थान के सरकारी स्कूल पहले ही डेढ़ लाख टीचर्स की कमी से जूझ रहे हैं, ऐसे में धार्मिक कार्यक्रमो में इनकी ड्यूटी लगाया जाना पूरी तरह गलत है. इससे बच्चों की शिक्षा प्रभावित होगी. दूसरी तरफ धार्मिक आधार पर ध्रुवीकरण की भी कोशिश रहेगी.

‘धार्मिक आयोजनों में टीचर्स की ड्यूटी लगाना गलत नहीं’

राजस्थान सरकार ने कांग्रेस के एतराज को पूरी तरह गलत बताते हुए उल्टा उसे ही कटघरे में खड़ा करने का काम किया है. राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री कन्हैयालाल चौधरी का इस बारे में कहना है कि मंदिर में होने वाले धार्मिक आयोजनों और राम कथा में टीचरों की ड्यूटी लगाया जाना कतई गलत नहीं है.

कांग्रेस राज में जगह-जगह खोले गए मदरसे- बीजेपी

उनके मुताबिक कांग्रेस के राज में सिर्फ जगह-जगह मदरसे खोले गए और संस्कृति का कोई प्रचार प्रसार नहीं किया गया. अगर इन आयोजनों में शामिल होने वाले शिक्षक भारतीय परंपराओं और संस्कृति को जानकर उसे बच्चों को बताएंगे. तो सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को भी फायदा होगा.

शिक्षा मंत्री ने कल दी थी गाय चराने की नसीहत

राजस्थान में कल ही शिक्षा और पंचायती राज विभाग के मंत्री मदन दिलावर ने बेरोजगारों को गाय चराने की नसीहत दी थी. यह भी कहा था कि गाय चराने वालों को हर महीने दस हज़ार रुपए का मानदेय भी दिया जाएगा. यह मानदेय पंचायत समिति द्वारा दिया जाएगा 

शिक्षा मंत्री के इस बयान पर मजाक कोहराम अभी शांत भी नहीं हुआ था कि आज राम कथा में सरकारी स्कूलों के टीचर्स की ड्यूटी लगाई जाने पर विवाद छिड़ गया है.

AZMI DESK

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