UGC पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बीच संसद में RJD सांसद का बड़ा बयान, सरकार से पूछे ये सवाल

यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से फिलहाल रोक लगा दी गई है. इस बीच आरजेडी सांसद संजय यादव ने राज्यसभा में मंगलवार (03 फरवरी, 2026) को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. आरोप लगाया कि वह अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय के हितों का ख्याल नहीं रख रही है और ओबीसी हितैषी होने का दावा करने वाली सरकार की कथनी व करनी में अंतर है.
राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर पेश किए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए संजय यादव ने दावा किया कि सरकार के भाषणों में ओबीसी के हितों की खूब चर्चा होती है लेकिन जमीन पर वह नहीं दिखता. प्रचार एवं पोस्टर में ओबीसी नजर आते हैं लेकिन नियुक्तियों में और निर्णय लेने की प्रक्रिया में वे गायब हैं. उन्होंने दावा किया कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं ओबीसी समुदाय के साथ सामाजिक न्याय नहीं हो रहा है और सरकार ऐसे वंचित वर्गों के उत्थान के लिए काम नहीं कर रही है.
“देश का हर दूसरा नागरिक OBC है, लेकिन क्या यहां संसद में हर दूसरा सांसद obc है!”
“OBC को मिलने वाली 9 लाख नौकरियां उन्हें नहीं दी गई।”
~ @sanjuydv Jiजैसे ही हमारे सांसद संजय जी यूनिवर्सिटी और UGC में OBC के हक की बात शुरू की भाजपाई MP विरोध क्यों करने लगे! pic.twitter.com/tcZ8owG7so
— Priyanka Bharti (@priyanka2bharti) February 3, 2026
‘देश में हर दूसरा व्यक्ति ओबीसी’
संजय यादव ने कहा कि देश में हर दूसरा व्यक्ति ओबीसी समुदाय से है, लेकिन विभिन्न पदों खासकर निर्णय लेने वाले पदों पर उनकी संख्या पर्याप्त नहीं है. उन्होंने कहा कि मंडल आयोग की सिफारिशों के लागू हुए लंबा समय बीत चुका है लेकिन आज भी विश्वविद्यालयों में आरक्षित श्रेणी के तहत आने वाले काफी पद खाली हैं. उन्होंने कहा कि ओबीसी श्रेणी के तहत नौ लाख पद रिक्त हैं और “उपयुक्त उम्मीदवार नहीं मिलने” की बात कर उन पदों को खाली रखा जाता है.
उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी शासित राज्यों में ओबीसी समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है और समाज आज भी न्याय की राह देख रहा है. उन्होंने कहा, “अगर हम ओबीसी की बात करें तो हमें जातिवादी कहा जाता है, और जो लोग हमारे अधिकार छीनते हैं उन्हें राष्ट्रवादी कहा जाता है.”
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