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जोधपुर: चर्चित साध्वी प्रेम बाईसा की रहस्यमयी मौत को 6 दिन पूरे, जांच कर रही SIT ने क्या बताया?

जोधपुर में चर्चित साध्वी प्रेम बाईसा की रहस्यमयी मौत को मंगलवार (3 फरवरी) को छह दिन पूरे हो चुके हैं, लेकिन अब तक मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए जोधपुर पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश पासवान के निर्देश पर गठित एसआईटी टीम लगातार जांच में जुटी हुई है.

इसी कड़ी में बुधवार को SIT टीम प्रेक्षा अस्पताल पहुंची, जहां साध्वी प्रेम बाईसा ने अंतिम सांस ली थी. टीम ने अस्पताल के कर्मचारियों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए.

अस्पताल प्रबंधन ने क्या कहा?

प्रेक्षा अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. प्रवीण जैन ने बताया कि बुधवार की रात को साध्वी प्रेम बाईसा को अस्पताल लाया गया था. जांच के दौरान हमने उन्हें सीपीआर दिया. हमने कोशिश कि लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी. इससे पहले वह केवल सर्दी-खांसी और जुकाम के इलाज के लिए एक-दो बार अस्पताल आई थीं. इसके अलावा उनकी कोई गंभीर मेडिकल हिस्ट्री हमारे रिकॉर्ड में नहीं है.

डॉ. जैन ने यह भी स्पष्ट किया कि मैंने किसी प्रकार का इंजेक्शन लिखकर नहीं दिया था और न ही ऐसा कोई निर्देश दिया गया था. परिजनों को महात्मा गांधी अस्पताल या मथुरादास माथुर अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई थी.

SIT ने क्या कहा?

मामले की जांच कर रहीं SIT इंचार्ज एसीपी छवि शर्मा ने बताया कि अब तक 10 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है. डीआर और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे और भी लोगों से पूछताछ की जाएगी. साध्वी प्रेम बाईसा का मोबाइल हमारे पास है. उन्होंने बताया कि मौत के बाद पूरा परिवार अवसाद में है. विसरा रिपोर्ट आने के बाद गहन पूछताछ की जाएगी.

पुलिस सुरक्षा की मांग पर स्थिति स्पष्ट

एसीपी छवि शर्मा ने साध्वी के पिता द्वारा पूर्व में पुलिस सुरक्षा की मांग के सवाल पर कहा कि ऐसी कोई जानकारी हमारे रिकॉर्ड में नहीं है. अगर पूर्व में कभी सुरक्षा की मांग की गई होगी तो उसकी जांच करवाई जाएगी. उन्होंने वायरल वीडियो प्रकरण पर भी जानकारी देते हुए बताया कि उस दौरान थाने में मामला दर्ज किया गया था, पांच लोगों को आरोपी बनाया गया और सभी के खिलाफ चालान कोर्ट में पेश किया जा चुका है.

जांच जारी, कई सवाल अब भी बाकी

साध्वी प्रेम बाईसा की मौत को लेकर इंजेक्शन, मेडिकल प्रक्रिया और परिस्थितियों पर अभी भी कई सवाल बने हुए हैं. अब सभी की निगाहें विसरा रिपोर्ट और एसआईटी की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं.

AZMI DESK

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