भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बोले सचिन पायलट, ‘US को ये तय करने का क्या अधिकार है कि…’

भारत और अमेरिका के बीच एक अहम व्यापार समझौते की घोषणा पर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि हमारा इतना बड़ा मुल्क है, हमलोग इतने शक्तिशाली हैं फिर भी हमारी विदेश नीति, हमारे ट्रेड डील में अमेरिका पहले घोषणा करता है. यूएस के पास ये तय करने का क्या अधिकार है कि भारत कहां से तेल खरीदेगा.
राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा, ”हम वेनेजुएला से तेल खरीदेंगे कि चीन से खरीदेंगे या फिर ईरान से खरीदेंगे. सोशल मीडिया पर भारत की तरफ से ये घोषणा अमेरिका कर रहा है. अमेरिका कह रहा है कि हिंदुस्तान अब तेल रूस से नहीं बल्कि वेनेजुएला से लेगा. ये निर्णय हमको करना है. हम लें या न लें, ये हमारे ऊपर होना चाहिए. लेकिन इसकी घोषणा अमेरिका करता है.
ट्रेड डील एक तरह से दबाव की राजनीति- सचिन पायलट
उन्होंने आगे कहा, ”अमेरिका ने अब टैरिफ को घटाकर 18 फीसदी किया है. जहां पहले 5 या 7 फीसदी टैरिफ था, वहां आज यह 18 फीसदी है तो इसमें खुशी मनाने की क्या बात है, ये मुझे समझ में नहीं आता है. जो ट्रेड डील हुई भी है, मुझे लग रहा है कि ये एक तरह से दबाव की राजनीति है. हमलोगों को अपना हित साधना चाहिए. हमारे मध्यम वर्ग के लिए, हमारे किसानों और नौजवानों के भविष्य के लिए भारत को क्या करना है? क्या कदम उठाने चाहिए, इसका निर्णय भारत को करना चाहिए.
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप क्यों कर रहे घोषणा- पायलट
कांग्रेस नेता पायलट ने ये भी कहा कि ये मैंने पहली बार देखा है कि जब हिंदुस्तान-पाकिस्तान का सीजफायर होता है तो उसकी घोषणा डोनाल्ड ट्रंप करते हैं. अब ये ट्रेड डील हुई है, इसकी घोषणा इस प्रकार हुई है कि 500 अरब डॉलर का आयात हम अमेरिका से करेंगे. क्या-क्या करेंगे, इस बारे में अभी जानकारी बाहर नहीं आई हैं. जिस प्रकार से घोषणा की गई है कि रूस से भारत तेल नहीं खरीदेगा, हम चाहे न खरीदें लेकिन ये निर्णय हमारे ऊपर होना चाहिए. इसकी घोषणा अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप क्यों कर रहे हैं?



