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अजित पवार के बाद उनकी पार्टी NDA में रहेगी या नहीं? NCP नेता सुनील तटकरे ने क्लियर किया स्टैंड

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख अजित पवार के निधन के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं. सियासी गलियों में कई तरह के कयास लग रहे हैं, जिनका अब एनसीपी के महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष और लोकसभा सदस्य सुनील तटकरे ने जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी बीजेपी नीत एनडीए का हिस्सा बनी रहेगी और संगठन दिवंगत अजित पवार द्वारा निर्धारित विचारधारा एवं मार्ग पर आगे बढ़ेगा.

दरअसल, सुनील तटकरे का बयान ऐसे समय में आया है, जब यह दावा किया जा रहा था कि एनसीपी और एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के विलय की घोषणा की तारीख 12 फरवरी तय कर दी गई थी.

‘अजित दादा की विचारधारा को आगे बढ़ाएंगे’

एनसीपी के प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में तटकरे ने कहा, “लोग चाहे कुछ भी कहें, हमारा रुख स्पष्ट है. हम पार्टी और अजितदादा की विचारधारा को आगे बढ़ाएंगे. हम इस रुख पर अडिग हैं.” रायगड के सांसद ने आगे कहा कि हम एनडीए के साथ हैं और एनडीए के साथ ही रहेंगे. अजितदादा ने यह निर्णय सोच-समझकर लिया था.

‘अजित पवार ने सामूहिक रूप से लिया था फैसला’

सुनील तटकरे ने ये भी कहा कि सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के साथ तालमेल का निर्णय अजित पवार के नेतृत्व में सामूहिक रूप से लिया गया था. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उन्होंने अजित पवार की सहमति के बिना कभी कोई राजनीतिक निर्णय नहीं लिया.

सुनेत्रा पवार की जल्दबाजी में शपथ पर क्या कहा?

अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने की ‘जल्दबाजी’ पर आलोचना का जिक्र करते हुए तटकरे ने कहा कि संविधान सभी को अपनी राय व्यक्त करने का अधिकार देता है. उन्होंने यह भी कहा कि यह निर्णय महाराष्ट्र के हित में और एनसीपी को मजबूत करने के लिए लिया गया.

शपथ लेने में कुछ गलत नहीं- तटकरे

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में स्थिरता और अजित पवार के विकसित राज्य के दृष्टिकोण को पूरा करने के लिए उनके शपथ लेने में कुछ भी गलत नहीं है. तटकरे ने ये भी कहा कि पार्टी के राज्यसभा उम्मीदवार पर फैसला एनसीपी का आंतरिक मामला है और उन्होंने एनडीए के भीतर सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने के लिए बीजेपीकी प्रशंसा की.

AZMI DESK

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