बजट 2026 पर सियासी टकराव, बीजेपी सांसद ने बताया ऐतिहासिक तो इमरान मसूद ने कहा खाली डब्बा

केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के बाद आम बजट 2026 संसद में पेश कर दिया गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में अपना 9वां केंद्रीय बजट भाषण दिया. बजट पेश होते ही देशभर की निगाहें इस पर टिक गईं और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई. सत्तापक्ष और विपक्ष के नेताओं ने बजट को लेकर एक-दूसरे से बिल्कुल अलग राय रखी.
बजट को लेकर बीजेपी के सांसद एसपी सिंह बघेल ने इसे ऐतिहासिक बताया. उन्होंने कहा कि यह बजट सभी वर्गों और क्षेत्रों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. एसपी सिंह बघेल के अनुसार, बजट में विकसित भारत 2047 की स्पष्ट झलक दिखाई देती है और यह आने वाले वर्षों के लिए मजबूत नींव रखने का काम करेगा.
2047 तक भारत को आत्मनिर्भर बनाने की सोच के साथ लाया गया बजट- सांसद
सांसद एसपी सिंह बघेल ने कहा कि किसान, नौजवान, महिलाएं, शिक्षक, चिकित्सक और व्यापारी समाज का कोई भी वर्ग ऐसा नहीं है जिसे इस बजट में नजरअंदाज किया गया हो. जब विपक्ष के आरोपों पर उनसे सवाल किया गया कि बजट में कुछ खास नहीं है तो उन्होंने जवाब दिया कि यह बजट तात्कालिक राजनीति के लिए नहीं है. बल्कि 2047 तक भारत को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की सोच के साथ लाया गया है.
सरकार ने पुराने वादों को नई पैकेजिंग में किया पेश- इमरान
वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने बजट पर तीखा हमला बोला. उन्होंने बजट को ‘खाली डब्बा’ करार दिया. इमरान मसूद ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि सरकार पुराने वादों को नई पैकेजिंग में पेश करेगी, लेकिन इस बार तो पुराने वादों का जिक्र तक नहीं किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में जनता के लिए कोई ठोस राहत नहीं है और न ही इसमें महंगाई, बेरोजगारी या आम आदमी की समस्याओं का समाधान नजर आता है. कांग्रेस सांसद के मुताबिक, यह बजट पूरी तरह से खोखले दावों से भरा हुआ है और इसमें देश के आम नागरिक के लिए कुछ भी नहीं है.
इस तरह आम बजट 2026 को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच साफ तौर पर मतभेद नजर आ रहे हैं. एक ओर बीजेपी इसे ऐतिहासिक और दूरदर्शी बता रही है, तो वहीं कांग्रेस इसे जनता के लिए निराशाजनक बता रही है. आने वाले दिनों में संसद और सियासत में बजट को लेकर बहस और तेज होने के आसार हैं.
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