Budget 2026: बजट से क्या है यूपी-बिहार की जनता को उम्मीद? कपड़े सस्ते और टैक्स कटौती की मांग

देश में आज बजट पेश होने से पहले लोगों में कई तरह के सवाल भी हैं और साथ ही उम्मीदें भी कतार में है. एबीपी की खास बातचीत ‘बजट पर चौपाल’ में यूपी बिहार के लोगों ने अपनी राय खुल कर रखी है. यह चर्चा आम बजट से ठीक पहले लखनऊ और पटना में हुई, जिसमें युवा, महिलाएं और आम नागरिक शामिल रहे. फिलहाल, सभी की नजरें 1 फरवरी 2026 को पेश होने वाले केंद्रीय बजट पर टिकी रहीं.
राजधानी लखनऊ में पार्क में टहल रहे लोगों के साथ बजट पर चौपाल में लोगों ने कहा कि सरकार बड़े स्तर पर टैक्स ले रही है और इस बजट में टैक्स में कटौती करनी चाहिए. वहीं सोने और चांदी के की कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ी हुई है उसको कम करने के लिए कुछ सोचना चाहिए. महिलाओं ने कहा कि सोना महिलाओं का जमा पूंजी होती है और उसके रेट ऐसे भाग रहा है कि कोई क्या इक्कठा करे.
युवाओं और आम लोगों की उम्मीदें
चौपाल में शामिल युवाओं ने साफ कहा कि सरकार को बजट में रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए. उनका कहना था कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन उसके अनुपात में आमदनी नहीं बढ़ रही, जिससे जीवन यापन मुश्किल होता जा रहा है. कई लोगों ने महंगाई पर सख्त नियंत्रण की मांग की. सोना और चांदी के बढ़ते दामों को लेकर भी चिंता जताई गई और कहा गया कि हालात ऐसे हो गए हैं कि “सोने का हाल ऐसा है कि दर्शन दुर्लभ हो गया है.” एक युवा ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार सामान सस्ता करती है, लेकिन उसके पार्ट्स महंगे हो जाते हैं, जैसे किताब सस्ती होती है तो कागज महंगा, कपड़े सस्ते होते हैं तो धागा महंगा हो जाता है.
महिलाओं, शिक्षा और बिहार पर फोकस की मांग
चौपाल में मौजूद महिलाओं ने सरकार से रसोई के खर्च को ध्यान में रखकर बजट बनाने की अपील की. उनका कहना था कि गैस, खाद्य सामग्री और रोजमर्रा की जरूरतों की चीजें लगातार महंगी हो रही हैं, जिससे घर का बजट बिगड़ रहा है. लोगों ने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में अधिक निवेश की जरूरत बताई, ताकि आम जनता को सस्ती और बेहतर सुविधाएं मिल सकें. इसके साथ ही पब्लिक ने बिहार पर विशेष फोकस करने की बात कही और राज्य के विकास के लिए केंद्र से ठोस कदम उठाने की उम्मीद जताई. इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़क और रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की मांग भी प्रमुख रूप से सामने आई.
बता दें कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज यानी 1 फरवरी 2026 को लगातार नौवीं बार पूर्णकालिक बजट पेश करने जा रही हैं. यह इतिहास का दूसरा मौका है, जब बजट रविवार के दिन प्रस्तुत किया जा रहा है. इस बजट से सैलरीड क्लास, मिडिल क्लास, महिलाओं और कारोबारियों सहित हर वर्ग को बड़ी राहत की उम्मीद है.



