जयपुर जिलाध्यक्ष की हार के बाद भावुक हुए पुष्पेंद्र भारद्वाज, सोशल मीडिया पर पोस्ट में छलका दर्द

राजस्थान में संगठन सजन अभियान के तहत कांग्रेस ने प्रदेश के 50 जिलों में केवल राजसमंद को छोड़कर शेष सभी 49 जिलों में जिला अध्यक्षों को नियुक्ति दे दी है. जिसमें सबसे अधिक चर्चा जयपुर शहर अध्यक्ष को लेकर रही. काफी समय तक जयपुर जिला अध्यक्ष की नियुक्ति अटकी रहने के बाद सुनील शर्मा को जिलाध्यक्ष बनाया गया.
वहीं पुष्पेंद्र भारद्वाज भी जिलाध्यक्ष की दौड़ में थे, ऐसे में अंदरखाने सुनील शर्मा और पुष्पेंद्र भारद्वाज दोनों ही जिलाध्यक्ष के लिए जोड़-तोड़ में जुटे थे. हालांकि पार्टी ने अंतिम मुहर सुनील शर्मा के नाम पर लगाई, जिसके बाद पुष्पेंद्र भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया जो फिलहाल अभी चर्चाओं में है.
सोशल मीडिया पोस्ट कर साझा किया दुख
जिलाध्यक्ष की दौड़ में शामिल पुष्पेंद्र भारद्वाज का जिलाध्यक्ष ना बनने का दुख सोशल मीडिया पोस्ट पर छलका. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा- मेहनत और संघर्ष में इतना बुरा नहीं जितना बताया जाता हूं..! बस किस्मत मेरे साथ नहीं इसलिए हर बार ठुकराया जाता हूं..!! उनकी इस पोस्ट के बाद अब हर तरफ इस पोस्ट की चर्चा हो रही है उनके समर्थक उन्हें कॉमेंट बाक्स में दिलासा और समर्थन देते हुए दिखाई दे रहे हैं. लेकिन पुष्पेंद्र भारद्वाज कि इस पोस्ट के बाद उनका दुख सामने आया है और उन्होंने इसमें लिखा है कि ‘मेहनत और संघर्ष में बुरा नहीं हूं लेकिन किस्मत मेरे साथ नहीं है’.
लंबे समय से अटकी थी जयपुर जिलाध्यक्ष की नियुक्ति
जयपुर शहर जिलाध्यक्ष को लेकर जयपुर से दिल्ली तक नेताओं की दौड़ लगी रही और एक-दूसरे को पटखनी देने में सुनील शर्मा और पुष्पेंद्र भारद्वाज ने आरोप प्रत्यारोप भी लगाए. जिसके चलते लंबे समय तक जयपुर जिलाध्यक्ष की नियुक्ति अटकी रही. लेकिन अब देखना होगा जिलाध्यक्ष को लेकर शहर में हुई राजनीति के बीच अब नए जिलाध्यक्ष सुनील शर्मा किस तरह सभी को एक साथ लेकर पार्टी को आगे बढ़ाते हैं.



