MP: नौकरी की सुरक्षा की गारंटी, संविदा कर्मचारियों के पक्ष में सीएम मोहन यादव का ऐलान

Madhya Pradesh News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज भोपाल के दशहरा मैदान में आयोजित प्रदेश स्तरीय संविदा कर्मचारी-अधिकारी सम्मेलन में सहभागिता कर कार्यक्रम को संबोधित किया, और कहा है कि संविदाकर्मियों के श्रम और विश्वास पर ही राज्य सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में सफल हो रही है. संविदाकर्मियों की भूमिका हनुमान के समान है. आपके श्रम और साझेदारी ने ही शासन-प्रशासन की व्यवस्था बनाई रखी है. संविदाकर्मी अनुबंध से अवश्य आते हैं, किन्तु व्यवस्थाओं के प्रबंधन में विराट भूमिका निभाते हैं.
स्वास्थ्य सेवाएं हों या शिक्षा, पंचायत, नगरीय निकाय या तकनीकी सेवाएं मैदानी स्तर पर सर्वे, मॉनीटरिंग और क्रियान्वयन में संविदा भाई-बहन हर जगह व्यवस्था के भरोसेमंद स्तंभ बनकर खड़े हैं. संविदाकर्मियों ने जिस निष्ठा से काम किया है, उसने यह सिद्ध कर दिया कि सेवा पद से बड़ी है. संविदाकर्मी राज्य सरकार का कार्यबल ही नहीं, हमारा आत्मबल भी हैं. भारतीय मजदूर संघ के ‘देश के हित में करेंगे काम’ के वाक्य को हमारे साथी चरितार्थ कर रहे हैं.
संविदाकर्मियों की सुरक्षा और सम्मान- सीएम यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हमारी सरकार संविदा कर्मियों के अधिकारों के लिए सदैव सकारात्मक भाव के साथ खड़ी है. राज्य सरकार द्वारा संविदा कर्मियों के सेवा सुधार, पारिश्रमिक सुधार, कार्य परिस्थिति और भविष्य के सुधारों पर पहले भी सकारात्मक निर्णय लिए गए हैं, भविष्य में भी उनका पूरा ध्यान रखा जाएगा. हमारी सरकार संविदा कर्मियों की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए सभी मुद्दों का समाधान निकालेगी. संविदा कर्मचारियों के लिए जो भी निर्णय हो सकते हैं, उससे अधिक करने का प्रयास करेंगे. नियम, न्याय और वित्तीय संतुलन के दायरे में रहते हुए संविदाकर्मियों की कठिनाइयों का हल निकाला जाएगा.
मध्यप्रदेश संविदा संयुक्त संघर्ष मंच, वित्त और सामान्य प्रशासन विभाग के साथ समन्वय करते हुए सभी कठिनाइयों का समाधान इस प्रकार किया जाएगा, जिससे संविदाकर्मियों का सम्मान और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हों. संविदाकर्मियों की उचित मांगों पर राज्य सरकार संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ उनका सहयोग करेगी.
संविदाकर्मियों की मांगों पर रखा जायेगा पूरा ध्यान- सीएम यादव
10 वर्ष से अधिक अनुभवी संविदाकर्मियों को नियमित पदों पर संविलियन की अभी तक 50 प्रतिशत पदों के लिए प्रक्रिया जारी है, इस दिशा में आगे और काम किया जाएगा. सामान्य प्रशासन विभाग संविदा नीति-2023 के अंतर्गत सभी कंडिकाओं का केंद्र और राज्य पोषित परियोजनाओं में अक्षरश: क्रियान्वयन किया जाएगा. राज्य शासन के निगम मंडल इसे लागू करेंगे.
संविदा नीति-2023 के अंतर्गत सभी विभागों में संविदा कर्मियों के लिए एनपीएस, ग्रेज्युटी, स्वास्थ्य बीमा लाभ, अनुकंपा नियुक्ति के लिए केंद्र पोषित-राज्य पोषित समस्त योजनाओं-परियोजनाओं में एक साथ क्रियान्वयन तथा संविदा कर्मियों के लिए दंड के प्रावधान सीसीए रूल 1965, 1966 को पूर्णत: लागू करने के संबंध में नीतिगत निर्णय कराया जाएगा.
विभिन्न विभागों, योजना, परियोजना में पदस्थ संविदा कर्मचारियों की विसंगतिपूर्ण समकक्षता के निर्धारण के लिए अभ्यावेदनों का निराकरण, संविदा के प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा समय-सीमा में किया जाएगा. कृषि विभाग की आत्मा योजना, जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी, जिला विकलांग पुनर्वास केन्द्रों में संविदा नीति-2023 के तहत समकक्षता का निर्धारण किया जाएगा.



