दिल्ली: ऑनलाइन दोस्ती के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गैंग का पर्दाफाश, नाइजीरियन सरगना गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर दोस्ती कर लोगों को ठगने वाले एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है. इस गिरोह का सरगना नाइजीरियन नागरिक बताया जा रहा है, जो लंबे समय से भारत में रहकर ऑनलाइन ठगी को अंजाम दे रहा था. पुलिस ने इस मामले में एक नाबालिग हिरासत में लिया उसके साथ समेत कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया.
सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर ठगते थे आरोपी
पुलिस के मुताबिक आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम और मैट्रिमोनियल साइट्स पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर अकेले लोगों को निशाना बनाते थे. दोस्ती बढ़ने के बाद आरोपी खुद को विदेश में रहने वाला बताता और महंगे गिफ्ट व विदेशी मुद्रा भेजने का झांसा देता था. इसके बाद कस्टम ड्यूटी, लेट फीस, क्लियरेंस चार्ज आदि के नाम पर पीड़ितों से मोटी रकम वसूल ली जाती थी.
महिला की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने की अहम कार्रवाई
इस मामले में बुराड़ी दिल्ली की 40 वर्षीय महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी. महिला के अनुसार, एक व्यक्ति ने खुद को “नितिन पटेल” बताकर व्हाट्सएप पर दोस्ती की और कुछ दिन बाद गिफ्ट भेजने की बात कही. फिर अलग-अलग नंबरों से कॉल और मैसेज कर एयरपोर्ट पर पार्सल फंसने का हवाला देकर उससे कुल 4.20 लाख रुपये ठग लिए गए.
जांच के दौरान साइबर पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, व्हाट्सएप चैट, आईपी लॉग और कॉल डिटेल रिकॉर्ड का गहराई से विश्लेषण किया. तकनीकी जांच के आधार पर पहले एक नाबालिग को सागरपुर इलाके से पकड़ा गया. उसकी निशानदेही पर दो अन्य आरोपी अनश और कुनाल को गिरफ्तार किया गया, जो बैंक अकाउंट और सिम कार्ड सप्लाई करने का काम करते थे.
दिल्ली पुलिस ने प्लान बनाकर की अहम कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने जाल बिछाकर नाइजीरियन नागरिक कुलीबली अमारा को बुराड़ी इलाके से दबोच लिया. वह इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड निकला. उसके पास से कई मोबाइल फोन बरामद हुए, जिनमें अलग-अलग देशों के व्हाट्सएप अकाउंट, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल और चैट रिकॉर्ड मिले.
पुलिस ने आरोपियों के पास से 22 मोबाइल फोन, 14 सिम कार्ड (जिसमें 3 यूके के), एक डेबिट कार्ड और एक नोटबुक बरामद की है. जांच में यह भी सामने आया है कि इसी तरह की 10 और शिकायतें NCRP पोर्टल पर दर्ज हैं. मामले की आगे की जांच जारी है.



