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UGC के नए नियमों पर SC के फैसले पर विधायक रविंद्र सिंह भाटी बोले, ‘आने वाले समय में…’

यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है. इस बीच राजस्थान के शिव विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने इसे लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 की फिर से समीक्षा की जानी चाहिए. सभी वर्गों को एक साथ लेकर आगे किस तरीके से बढ़ा जाए, इस पर निश्चित रूप से फिर से चर्चा किए जाने की जरूरत थी.

निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने आगे कहा, ”सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला दिया है, मुझे लगता है कि वो आने वाले समय में युवाओं के भविष्य को देखते हुए लिया गया है.”

इसका प्रभाव समाज को बांटने वाला हो सकता है- SC

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए नियमों पर गुरुवार (29 जनवरी) को रोक लगाते हुए टिप्पणी की है कि ये प्रारूप अस्पष्ट है और इसके व्यापक नतीजे हो सकते हैं. इसका प्रभाव समाज को बांटने वाला भी हो सकता है. अदालत ने नए नियमों के खिलाफ दायर तीन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए केंद्र और यूजीसी से 19 मार्च तक जवाब मांगा है. 

यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ याचिका में क्या?

यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ याचिकाओं में यह आपत्ति उठाई गई है कि इसमें जाति-आधारित भेदभाव को सिर्फ अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के सदस्यों के खिलाफ होने वाले भेदभाव तक ही सीमित रूप में परिभाषित किया गया है. चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा, ”अगर हम हस्तक्षेप नहीं करते हैं तो इसके खतरनाक परिणाम होंगे, समाज में विभाजन होगा और इसके गंभीर प्रभाव होंगे. विशेषज्ञों को इसकी भाषा को संशोधित करने के लिए जांच करने की आवश्यकता है, ताकि इसका दुरुपयोग न हो.”

रविंद्र भाटी ने खेजड़ी को बचाने को लेकर क्या कहा?

विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने विधानसभा में खेजड़ी के पेड़ काटने से राजस्थान में हो रहे नुकसान का मुद्दा उठाया. इसे लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, ”मैं चाहूंगा कि खेजड़ी को बचाने के लिए एक नया एक्ट आए. मैंने प्राइवेट मेंबर बिल भी इंट्रोड्यूस किया है. यह सदन के पटल पर भी जल्दी आएगा, ऐसी हमें उम्मीद है. साथ ही तमाम पर्यावरण प्रेमी जो इतने समय से खेजड़ी को बचाने के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं तो उनकी भावनाओं को समझते हुए प्रदेश की सरकार को एक ठोस और मजबूत कदम उठाना चाहिए. 

AZMI DESK

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