नूंह में बदमाशों का आतंक, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बजरंग दल के नाम पर लूट, 1 आरोपी गिरफ्तार

नूंह जिले फिरोजपुर झिरका सदर थाना सीमा क्षेत्र में गत 23 जनवरी को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुई लूटपाट की घटना में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. बदमाशों ने खुद को बजरंग दल का सदस्य बताकर यात्रियों से लूटपाट और मारपीट की थी.
पुलिस की जांच में अब एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उसके साथी फरार हैं. पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सीसीटीवी फुटेज और टोल प्लाजा रिकॉर्ड के आधार पर कार्रवाई की है.
पूरे मामले पर एक नजर
पुलिस के अनुसार यह घटना 23 जनवरी की रात करीब 1:30 से 2:00 बजे की है. दिल्ली निवासी पीड़ित राजू और उनके साथी दिलशाद अपनी गाड़ी में मेडिकल सामान लेकर दिल्ली से मध्य प्रदेश जा रहे थे. घाटा शमशाबाद टोल प्लाजा से आगे चैनल नंबर 73 के पास उनकी गाड़ी खराब हो गई.
उन्होंने सहायता के लिए 1033 और टाटा मोटर्स को कॉल किया, लेकिन कोई मदद नहीं मिली. इसी दौरान एक बोलेरो कैंपर वहां रुकी, जिसमें से 4 – 5 व्यक्ति उतरे. उन्होंने खुद को बजरंग दल का सदस्य बताकर इनके साथ लात-घूसों से मारपीट की.
बदमाशों ने छीना मोबाइल और नकदी
बदमाशों ने दोनों के मोबाइल फोन और 17 हजार रुपये नकद छीन लिए और यूपीआई पिन लेकर 5,000 रुपये की ट्रांजेक्शन भी की. पीड़ितों ने घटना के बाद थाना सदर फिरोजपुर झिरका में शिकायत दर्ज कराई. जिसके आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी.
फिरोजपुर झिरका सदर थाना पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, गवाहों के बयान दर्ज किए. गाड़ी नंबर की जांच से मालिक फैज मोहम्मद पुत्र इस्लामुद्दीन निवासी बेला, थाना सीकरी जिला डीग, राजस्थान का पता चला. उनके मोबाइल नंबर की सीडीआर से पुष्टि हुई.
पुलिस ने सीसीटीवी के आधार पर गिरफ्तार किया आरोपी
पुलिस ने एक्सप्रेस वे के दो टोल प्लाजा से सीसीटीवी फुटेज और एंट्री स्लिप प्राप्त की. फुटेज में गाड़ी की एंट्री और एग्जिट दर्ज थी. इस जांच के आधार पर पुलिस ने बुधवार 28 जनवरी को फैज को गिरफ्तार किया गया. उनसे एक मोबाइल दो सिम कार्ड, 170 रुपये नकद और एक घड़ी बरामद हुई. घटना में इस्तेमाल गाड़ी को भी जब्त किया गया.
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी फैज मोहम्मद ने पूछताछ में अपराध स्वीकार करते हुए अपने साथियों के बारे में भी जानकारी दी, जो अभी फरार हैं और इधर-उधर रहते हैं. अजायब सिंह डीएसपी फिरोजपुर झिरका ने कहा यह घटना बजरंग दल के नाम पर की गई लूटपाट थी, जो अपराधियों की साजिश थी. पुलिस ने सीसीटीवी, टोल रिकॉर्ड और तकनीकी सबूतों से मामले का खुलासा किया है.



