शाहजहांपुर में सनसनीखेज वारदात, कैफे में प्रेमी-प्रेमिका का वीडियो बनाकर दबंगई, दोनों छत से कूदे

उत्तर प्रदेश शाहजहांपुर के थाना कांट क्षेत्र से एक सनसनीखेज घटना सामने आई है. शनिवार दोपहर एक कैफे में बैठे प्रेमी-प्रेमिका को कुछ युवकों ने वीडियो बनाकर डराया-धमकाया, जिसके बाद घबराहट में दोनों ने दूसरी मंजिल से छलांग लगा दी. इस हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए हैं.
जानकारी के अनुसार, थाना पुवायां क्षेत्र का रहने वाला युवक शनिवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे अपनी प्रेमिका के साथ थाना कांट क्षेत्र के अकर्रा रसूलपुर स्थित एक बैंक की ऊपरी मंजिल पर बने ‘पिज्जा 99 रेस्टोरेंट’ में पहुंचा था. दोनों ने वहां बैठकर मैगी का ऑर्डर दिया ही था कि तभी 7-8 युवक कैफे में घुस आए. पीड़ित युवक के अनुसार, इन युवकों ने खुद को किसी संगठन से जुड़ा बताते हुए दोनों से आईडी मांगनी शुरू कर दी और उनका वीडियो बनाने लगे.
घबराहट में लगाई छलांग
वीडियो बनते देख प्रेमी-प्रेमिका बुरी तरह से घबरा गए. इसी घबराहट में पहले युवती ने खिड़की से नीचे छलांग लगा दी. युवती को बचाने के प्रयास में प्रेमी ने भी दूसरी मंजिल से छलांग लगा दी. करीब 20 फीट की ऊंचाई से गिरने के कारण दोनों को गंभीर चोटें आईं. आसपास मौजूद लोगों ने दोनों को तुरंत निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है.
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
घटना के बाद पीड़ित युवक ने पुलिस को तहरीर दी, जिसमें प्रवेश, सोनू, हर्षित और 4-5 अज्ञात युवकों के नाम सामने आए हैं. थाना कांट पुलिस ने तहरीर के आधार पर नामजद और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है. क्षेत्राधिकारी प्रियंक जैन ने बताया, “मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है. एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है. जल्द ही सभी को गिरफ्तार किया जाएगा.”
पीड़ित का बयान
पीड़ित युवक ने बताया, “हम लोग शांति से बैठे थे. अचानक कुछ लोग आए, वीडियो बनाने लगे और डराने-धमकाने लगे. इसी डर की वजह से यह हादसा हो गया.”
सामाजिक कार्यकर्ता की प्रतिक्रिया
सामाजिक कार्यकर्ता और विचारक अभिनव विचारक ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि कैफे जैसे सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह से उग्र होकर घुसना, लोगों को डराना-धमकाना और कथित तौर पर ‘कट्टरता’ दिखाना पूरी तरह गलत है. उन्होंने कहा, “कैफे में बैठकर इस तरह डराना, वीडियो बनाना और उग्र व्यवहार करना पूरी तरह गलत है.
समाज में भय फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि दोबारा ऐसी घटना न हो. कानून हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है और ऐसी घटनाएं समाज के लिए बेहद खतरनाक हैं.”



