लखनऊ के KGMU में बनी 5 मजारों को हटाने का नोटिस चस्पा, 15 दिन में नहीं हटीं तो चलेगा बुलडोजर

लखनऊ के केजीएमयू में धर्मांतरण का मामला सामने आने के बाद परिसर में मौजूद पांच अवैध मजारों को हटाने का नोटिस दिया गया है. शुक्रवार को प्रशासन और केजीएमयू अधिकारियों की मौजूदगी में KGMU परिसर में मौजूद मजारों पर नोटिस चस्पा किया गया, इस नोटिस में 15 दिन के भीतर मजारों को हटाने का निर्देश दिया गया है.
केजीएमयू प्रशासन ने इन मजारों को अवैध बताते हुए कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. नोटिस में कहा गया कि अगर तय समय के भीतर मज़ार नहीं हटाई गई तो पुलिस बल से इन्हें हटवाया जाएगा, इसके साथ ही नोटिस में ये भी साफ कहा है कि ध्वस्तीकरण पर आने वाला खर्च भी जिम्मेदारों से वसूला जाएगा. प्रशासन की ओर से इस नोटिस के जरिए सख्त कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई है.
15 दिन में मज़ार हटाने के निर्देश
KGMU प्रशासन ने नियमों का हवाला देकर कदम उठाया है. केजीएमयू का कहना है कि ये धार्मिक स्थल अवैध रूप से परिसर में बनाई गईं हैं. करीब 40 सालों से ज्यादा समय से ये गलत तरीके से परिसर में मौजूद है. शुक्रवार को जारी नोटिस में इन सभी अवैध कब्जेदारों को 15 दिनों का समय दिया गया है. अगर 15 दिनों के अंदर यह लोग अपने खर्चे से इस अवैध कब्जे को नहीं हटाते हैं तो केजीएमयू प्रशासन इस मामले में विधि कार्रवाई करेगा.
शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने जताया विरोध
केजीएमयू प्रशासन इन अवैध अतिक्रमणों को पुलिस बल के साथ बुलडोजर के जरिए यहां से हटाएगा. भाजपा नेता अभिजात मिश्रा ने इस प्रकरण में सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा था. वहीं दूसरी तरफ इस नोटिस का विरोध भी शुरू हो गया है. शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास ने इसका विरोध किया है.
उन्होंने कहा कि मस्जिद, मजारों को टारगेट किया जा रहा है. जो कहा जा रहा है कि मजारों की वजह से रास्ता बाधित होता है ये ग़लत है. मजारों को बहाना बनाया जा रहा है क्योंकि उन्हें टारगेट किया है. उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ से इस नोटिस को वापस लेने की अपील की.
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