हिमाचल: PMGSY-IV के तहत 2247.24 करोड़ रुपये मंजूर, विक्रमादित्य सिंह बोले- ‘प्रदेश के हर कोने में…’

हिमाचल प्रदेश में ग्रामीण सड़क नेटवर्क को नई मजबूती देने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV (PMGSY-IV) के तहत राज्य की प्रस्तावित परियोजनाओं को 2247.24 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति मिल गई है. लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह प्रदेश के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा.
विक्रमादित्य सिंह ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार की सशक्त समिति ने कुल 294 सड़क कार्यों को मंजूरी दी है.
कुल लंबाई: 1,538.058 किलोमीटर.
बजट का बंटवारा: कुल 2,247.24 करोड़ रुपये में से 2,019.70 करोड़ रुपये केंद्र सरकार वहन करेगी, जबकि 227.54 करोड़ रुपये राज्य सरकार का अंश होगा.
लागत: प्रति किलोमीटर औसत लागत लगभग 146.11 लाख रुपये निर्धारित की गई है.
जिलावार स्वीकृतियों का विवरण
मंत्री ने बताया कि यह परियोजनाएं प्रदेश के लगभग सभी जिलों में फैली हुई हैं, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी:
शिमला: सबसे अधिक 97 सड़कें.
चंबा और कुल्लू: प्रत्येक जिले को 65-65 सड़कें.
मंडी: 23 सड़कें.
अन्य जिले: कांगड़ा (12), सिरमौर (11), किन्नौर (08), बिलासपुर (04), सोलन (03), हमीरपुर (02), ऊना (02) और लाहौल-स्पीति (02).
‘केंद्र के साथ बेहतर संबंध विकास के लिए जरूरी’
विक्रमादित्य सिंह ने जोर देकर कहा कि राज्य के विकास के लिए राजनीति से ऊपर उठकर केंद्र सरकार के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना आवश्यक है. उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य प्रदेश के हर कोने तक विकास पहुंचाना है. इन सड़कों के बनने से न केवल आवाजाही सुगम होगी, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य आवश्यक सेवाओं तक ग्रामीण आबादी की पहुंच बेहतर होगी.”
सूखे और आपदा पर चिंता
लोक निर्माण मंत्री ने प्रदेश में लंबे समय से पड़ रहे सूखे (Dry Spell) को लेकर भी चिंता जाहिर की. उन्होंने कहा कि मौसम का यह बदलाव न केवल कृषि और बागवानी के लिए घातक है, बल्कि आने वाले समय में जल स्रोतों और पर्यावरण पर भी इसका बुरा असर पड़ सकता है. सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है. इन सड़क परियोजनाओं के शुरू होने से हिमाचल के पर्यटन और ग्रामीण आर्थिकी को एक नई संजीवनी मिलने की उम्मीद है.



