रांची में कुत्ते को खंभे से बांधकर पीट-पीटकर मार डाला, बर्बरता में 7-8 लोग शामिल, FIR दर्ज

झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र के शालीमार बाजार से एक घटना सामने आई है, जो पूरी मानव जाति को शर्मसार कर रही है. एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक कुत्ते को खंभे में बांधकर कुछ लोग बेरहमी से पीट रहे हैं. कुत्ते को इट्टों और डंडों से पीटा जा रहा है. इस हमले में कुत्ते की मौके पर ही मौत हो गई, लेकिन उसके बाद भी कुत्ते को लगातार मारा गया.
वीडियो में लोग पीछे से हंस रहे हैं, जो उनकी बर्बरता को दिखा रहा है. यह दृश्य इतना भयावह है कि इसे देखकर किसी भी संवेदनशील व्यक्ति का दिल दहल जाता है.
वीडियो सामने आने के बाद कुछ सामाजिक संगठनों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई. शिकायतकर्ता ने बताया कि इस हमले में 7 से 8 लोग शामिल थे, जिसमें एक महिला भी शामिल थी. एक महिला का इस तरह की क्रूरता में शामिल होना और भी चौंकाने वाला है.
पुलिस ने FIR दर्ज करने में लिया 1 घंटा
एक महिला शिकायतकर्ता ने बताया कि वीडियो सामने आने के बाद उन्होंने पुलिस को बताया, जिसमें पुलिस ने 1 घंटे लिया शिकायत दर्ज करने के लिए. पुलिस पर आरोप लगाते हुए शिकायतकर्ता ने कहा कि पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में तो लिया, लेकिन थाने में बिठाकर उन्हें चाय और कॉफी पिलाई.
शिकायतकर्ता की मांग है कि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए. मानवता पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके अंदर मानवता नहीं है. उन्होंने कहा, “कोई व्यक्ति जिसके अंदर मानवता होती है वो किसी के कहने पर ही रुक जाते हैं. लेकिन इन्होंने तो कुत्ते के मर जाने के बाद भी लगातार हमला करते रहे.”
महिला ने बच्चों को उकसाया
एक अन्य शिकायतकर्ता ने कहा कि समाज बेजुबानों को निर्जीव समझता है. इस घटना में एक महिला भी शामिल है, जो बहुत आश्चर्यचकित करता है. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया, “वो महिला अपने पाले हुए कुत्ते को बांधती है और अपने बच्चों को उकसाती है कि तुम लोग इसको मारो.” इस पर परवरिश पर भी सवाल उठाया गया.
मेनिका गांधी का सहयोग
एनिमल एक्टिविस्ट ने साथ ही कहा कि मेनिका गांधी जी का इसमें सहयोग मिला शिकायत दर्ज करने में. उन्होंने कहा कि मेनिका गांधी जी ने पुलिस से बात की और शिकायत की एक कॉपी भी मंगाई है. मेनिका गांधी पशु अधिकारों के लिए काम करने वाली जानी-मानी एक्टिविस्ट हैं.
पशु क्रूरता निवारण अधिनियम
इस घटना के लिए आरोपियों पर पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11 के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है. इस कानून के तहत पशुओं के साथ क्रूरता करने पर सजा का प्रावधान है. कानून के अनुसार, जानबूझकर किसी पशु को पीड़ा पहुंचाना, उसे मारना या घायल करना अपराध है.
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने जमकर आक्रोश व्यक्त किया है. लोग आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. कई लोगों ने पुलिस की ढिलाई पर भी सवाल उठाए हैं और कहा है कि ऐसे मामलों में पुलिस को संवेदनशील होना चाहिए.
मानवता पर सवाल
यह घटना मानवता पर गंभीर सवाल खड़े करती है. एक बेजुबान जानवर के साथ इतनी क्रूरता करना और उसकी मौत के बाद भी हमला जारी रखना किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं है. विशेषज्ञों का कहना है कि पशुओं के साथ क्रूरता करने वाले लोग अक्सर मानसिक रूप से अस्वस्थ होते हैं और उन्हें काउंसलिंग की जरूरत होती है.
पुलिस जांच जारी
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों को हिरासत में लिया गया है. हालांकि, एक्टिविस्ट्स का आरोप है कि पुलिस आरोपियों के साथ नरमी से पेश आ रही है. पुलिस अधिकारियों से इस मामले में टिप्पणी मांगी गई है, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.



