देश

West Bengal Elections 2026: टीएमसी ने उर्दू में जारी किया मेनिफेस्टो तो ममता बनर्जी पर भड़के गिरिराज सिंह, कहा- बंगाल को बांग्लादेश बनाने का एजेंडा

Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

जैसे-जैसे पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीख नजदीक आती जा रही है, वैसे-वैसे राज्य की सियासत को लेकर राजनीतिक गहमागहमी भी बढ़ती जा रही है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने राज्य विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अपनी पार्टी के घोषणापत्र को जारी कर दिया है, लेकिन टीएमसी ने अपना चुनावी घोषणापत्र सिर्फ उर्दू भाषा में जारी किया है, इसलिए इसे लेकर राजनीति शुरू हो गई है.

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने टीएमसी के उर्दू भाषी घोषणा पत्र को लेकर ममता बनर्जी पर भाषायी और तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया है. भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इस कदम को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है.

शरिया कानून से जुड़ा है टीएमसी का घोषणापत्रः गिरिराज

न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक, बिहार की राजधानी पटना में शनिवार (4 अप्रैल, 2026) को मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि ममता बनर्जी ने सिर्फ उर्दू में घोषणापत्र जारी नहीं किया है, बल्कि इसके पीछे टीएमसी का एक छिपा हुआ एजेंडा भी है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह एजेंडा शरिया कानून से जुड़ा हुआ है और पश्चिम बंगाल को बांग्लादेश जैसा बनाने की एक सोची-समझी योजना के तहत काम किया जा रहा है.

उन्होंने दावा किया कि अब राज्य के लोगों, विशेषकर हिंदू समुदाय, ने इस कथित वास्तविक चेहरे को अच्छे से पहचान लिया है. इस बार का चुनाव पश्चिम बंगाल के लिए जीओ या मरो की स्थिति जैसा बन गया है. उनका आगे कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता इस बार विधानसभा चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाएगी और ऐसी नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर मतदान करेगी.

जनता के मुद्दों पर जवाब नहीं देती ममता बनर्जीः गिरिराज

रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने शुक्रवार (3 अप्रैल, 2026) को भी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कड़ी आलोचना की थी. उन्होंने कहा था कि अपने 15 साल के कार्यकाल में ममता बनर्जी ने सिर्फ तुष्टीकरण की राजनीति की है और जनता के सामने किसी भी गंभीर मुद्दे पर चर्चा नहीं की. उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गरीबी, बेरोजगारी, हिंसा और दुष्कर्म से जुड़े मामलों पर न तो बात करती हैं और न ही कभी भी जवाब देती हैं.

यह भी पढ़ेंः स्टालिन की DMK, विजय थलपति की TVK या AIADMK … तमिलनाडु में किस पार्टी को मिलेगा बहुमत? सर्वे के आंकड़ों ने चौंकाया

AZMI DESK

Related Articles

Back to top button
WhatsApp Join Group!