Kerala Assembly Election 2026: केरल में कितनी सीटें जीतेगी BJP? शशि थरूर का जवाब सुन, रह जाएंगे हैरान

केरल में बीजेपी के प्रदर्शन को लेकर शशि थरूर ने बड़ी भविष्यवाणी की है. आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर थरूर ने कहा है कि बीजेपी का राज्य में कोई प्रभाव नहीं है, साथ ही राज्य में सरकार के गठन को लेकर भाजपा की कोई महत्वपूर्ण भूमिका नहीं है. वह इस चुनाव में अपना खाता खोल ले, वही बहुत है.
पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि राज्य में मुकाबला वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) के बीच होगा. यह त्रिकोणीय मुकाबला नहीं है. विधानसभा में बीजेपी की एक भी सीट नहीं है. यदि वे एक, दो या तीन सीट भी जीत ले, तो उन्हें बीजेपी पर बेहद गर्व और खुशी होगी. वे खुद को एक बड़ी जीत का श्रेय देंगे. बीजेपी की यही स्थिति है.
BJP का राज्य में प्रभाव नहीं: थरूर
थरूर ने कहा कि उनका राज्य में इतना भी प्रभाव नहीं है कि सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें. यह मुकाबला एलडीएफ और यूडीएफ के बीच होने वाला है. इसमें कोई संदेह नहीं है. साथ ही थरूर ने कहा है कि राज्य में कांटे की टक्कर होने की संभावना है. इसका अर्थ है कि हर सीट और हर वोट महत्वपूर्ण है. इसलिए हम बीजेपी की अनदेखी नहीं कर रहे हैं.
थरूर ने कहा कि कांग्रेस, भाजपा को केरल में सरकार के लिए खतरा या संभावित सत्तारूढ़ दल के रूप में नहीं देखती है. जैसा कि मैंने कहा है कि वे अधिक से अधिक यही कर सकते हैं, कि अपना खाता खोल लें. उनसे जब यह पूछा गया कि क्या केरल की राजनीति में भाजपा का अभी कोई प्रभाव नहीं है तो उन्होंने कहा कि हां यह सही है. सीट जीतने के लिए एक निश्चित मत प्रतिशत की आवश्यकता होती है.
लोकसभा में बीजेपी का वोट प्रतिशत 19% था: थरूर
उन्होंने कहा कि उनके राजनीति में आने के 17 सालों से अधिक बीत जाने के दौरान भी भाजपा 6 प्रतिशत वोट वाली पार्टी से बढ़कर 12 से 13 प्रतिशत वोट वाली पार्टी बन गई है. लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 19 प्रतिशत वोट मिले हैं. जब राज्यों में चुनावों की बात आती है तो वे फिर से लगभग 12-13 प्रतिशत पर चले जाते हैं.
बीजेपी अपनी स्थिति में सुधार कर सकती है: थरूर
थरूर ने साथ ही कहा है कि बीजेपी अपनी स्थिति में सुधार कर सकती है. यह एक धीमी और क्रमिक प्रक्रिया है. यह संभव नहीं है कि वे सीटें जीतने के लिए आवश्यक आंकड़े तक पहुंच पाएं. केरल में 2021 विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ एलडीएफ ने 99 सीटों के साथ सत्ता बरकरार रखी. यह पिछले चुनाव की तुलना में आठ अधिक सीटें थीं.
1977 के बाद पहला मौका था कि जब किसी गठबंधन ने राज्य में लगातार दूसरी बार सत्ता हासिल की. लोकसभा चुनावों में भाजपा केरल में एक सीट जीतने में कामयाब रही. सुरेश गोपी त्रिशूर सीट से जीते. केरल में 140 सदस्य विधानसभा के लिए चुनाव 9 अप्रैल को होना है.
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