LPG Crisis: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अब भी फंसा है भारत आ रहा LPG का स्टॉक!

अभी भले ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार करके नंदा देवी और शिवालिक जहाज एलपीजी लादकर भारत पहुंच गए हैं, लेकिन एलपीजी से लदे हुए कम से कम 6 बड़े जहाज अब भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ही फंसे हुए हैं, जिन्हें निकलने का रास्ता अब तक नहीं मिल पाया है. इसके अलावा और भी 16 ऐसे जहाज हैं, जिन्हें होर्मुज स्ट्रेट से ही गुजरना है, लेकिन अब तक उनका भी रास्ता साफ नहीं है.
एलपीजी लेकर जो नंदादेवी और शिवालिक भारत आए थे, उनपर तकरीबन 92,700 टन गैस लदी थी, जिससे भारत एक दिन या उससे कुछ घंटे और ज्यादा तक अपना खर्च चला सकता था. अब वो दिन भी बीत गया है तो भारत को अभी और एलपीजी की जरूरत है. और भारत की जरूरत की कम से कम तीन दिन की एलपीजी अब भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ही फंसी है. मिनिस्ट्री ऑफ शिपिंग के स्पेशल सेक्रेटरी राजेश कुमार सिन्हा के मुताबिक होर्मुज में एलपीजी लदे हुए कुल 6 जहाज फंसे हुए हैं, जिनपर तकरीबन 3 लाख टन एलपीजी का भंडार है. अगर ये गैस भारत तक पहुंच जाती है और भारत के पास और भी तीन-चार दिनों का स्टॉक हो जाएगा.
एलपीजी लदे इन 6 जहाजों के अलावा भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कम से कम 16 और जहाज फंसे हुए हैं. इनमें 4 जहाजों पर कच्चा तेल लदा है, जबकि तीन पर कंटेनर हैं. एक जहाज पर एलएनजी का टैंकर है. वहीं एक और जहाज केमिकल प्रोडक्ट्स के साथ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसा हुआ है. इसके अलावा दो जहाजों पर बल्क करियर हैं. भारत की ओर से लगातार इन जहाजों को होर्मुज से बाहर निकालने की कोशिश जारी है.
भारत और ईरान के संबंधित अधिकारी लगातार एक दूसरे से बात कर रहे हैं, लेकिन अभी तक दोनों देशों के बीच ऐसा कोई समझौता नहीं हो पाया है, जिससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे भारतीय जहाजों को बाहर निकाला जा सके. नतीजा ये है कि तेल पर तो नहीं, लेकिन रसोई घरों में इस्तेमाल होने वाली एलपीजी का स्टॉक लगातार कम होता जा रहा है. जो नंदादेवी और शिवालिक 92,700 मिट्रिक टन एलपीजी लेकर भारत पहुंचे भी हैं, वो भी एक दिन का ही स्टॉक था, जो अब तक सिलिंडरों में भरा गया होगा तो खत्म भी हो गया होगा.
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