धुआं-धुआं होर्मुज, बरस रहे बम, फिर ईरान को चकमा देकर 1 लाख मीट्रिक टन तेल भारत लाने वाला भारतीय कैप्टन कौन?

मिडिल ईस्ट में ईरान-इजरायल और अमेरिका के तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) धुआं-धुंआ हो उठा है. दुनिया में कच्चा तेल के एक्सपोर्ट के लिए बेहद महत्वपूर्ण यह गलियारा फिलहाल मौत का गलियारा कहा जा रहा है, जहां से गुजरने वाले हर जहाज को ईरान की ओर से निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन इस तनाव के माहौल में भी एक भारतीय कैप्टन ने 1 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा कच्चा तेल लदे जहाज को सुरक्षित रूप से भारत के मुंबई पोर्ट पर पहुंचा दिया है.
लाइबेरिया के झंडे वाला जहाज शेनलॉन्ग स्वेजमैक्स 1 मार्च को सऊदी अरब के पोर्ट रास तनुरा से कच्चा तेल भरकर 3 मार्च, 2026 को भारत के लिए रवाना हुआ था. इस जहाज का नेतृत्व एक भारतीय ने किया, जिनका नाम कैप्टन सुखशांत सिंह संधू है. कैप्टन संधू ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दाखिल होने के बाद बड़ी चतुराई से ईरान को भनक लगे बिना जहाज को गलियारे से पार कर लिया.
भारतीय कैप्टन ने कैसे किया यह कारनामा?
मौत का गलियारा कहे जाने वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारतीय कैप्टन ने कैसे जहाज को सुरक्षित पार किया, यह बात काफी दिलचस्प है. दरअसल, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जब ईरान और अमेरिका की सेनाएं एक-दूसरे के आमने-सामने थीं, उसी वक्त मुंबई आ रहा तेल का लदा जहाज शेनलॉन्ग अचानक रडार से गायब हो गया था.
मैरीटाइम डेटा फर्म लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस और टैंकरट्रैकर्स के मुताबिक, जहाज शेनलॉन्ग स्वेजमैक्स की सिग्नल लोकेशन को आखिरी बार रविवार (8 मार्च, 2026) को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के अंदर रिकॉर्ड की गई थी. इस दौरान ईरान चीन जाने वाले जहाजों को छोड़कर इस रास्ते से गुजरने वाले हर जहाज पर हमले कर रहा था. इस बीच शेनलॉन्ग ने अपने ट्रांसपोंडर्स को बंद कर दिया. इसके साथ ही, कैप्टन ने जहाज का AIS यानी ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम को भी बंद कर दिया था और चुपचाप बिना किसी को पता चले गलियारे को पार लिया.
मुंबई पोर्ट अथॉरिटी के डिप्टी कंजर्वेटर प्रवीण सिंह ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में कहा कि जहाज ने गलियारे को पार कर सोमवार (9 मार्च, 2026) अपने AIS सिस्टम को फिर से एक्टिव किया और सुरक्षित रूप से बुधवार (11 मार्च, 2026) को मुंबई पोर्ट पर पहुंच गया.
यह भी पढ़ें : शहर में 25, ग्रामीण इलाकों में कितने दिनों में होगी सिलेंडर की बुकिंग? संसद में सरकार ने साफ की तस्वीर



