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दिल्ली में खेलों को नई पहचान देने की तैयारी, 13 फरवरी से ‘दिल्ली खेल महाकुंभ’ का आगाज

दिल्ली सरकार ने राजधानी को खेलों की राजधानी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने सोमवार को ‘दिल्ली खेल महाकुंभ’ की घोषणा करते हुए कहा कि 13 फरवरी 2026 से इस बड़े खेल आयोजन की शुरुआत की जाएगी.

इस मौके पर दिल्ली की सभी प्रमुख खेल फेडरेशन मौजूद रहीं. मंत्री ने कहा कि सभी फेडरेशन के सहयोग से दिल्ली में खेल संस्कृति को मजबूत किया जा रहा है और खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के पूरे अवसर दिए जाएंगे.

आशीष सूद ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में दिल्ली में खेल और खिलाड़ी दोनों ही उपेक्षित रहे. पहले की सरकारों ने न तो खेलों को प्राथमिकता दी और न ही खिलाड़ियों को जरूरी सुविधाएं मिल पाईं. लेकिन अब मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार ने दिल्ली को स्पोर्ट्स कैपिटल बनाने का लक्ष्य तय किया है और उस दिशा में तेजी से काम शुरू हो गया है.

‘टीमों-खिलाड़ियों को मिलेगी अच्छी पुरस्कार राशि’

मंत्री ने बताया कि ‘दिल्ली खेल महाकुंभ’ के तहत सात प्रमुख खेलों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 20 हजार से ज्यादा खिलाड़ियों को हिस्सा लेने का मौका मिलेगा. यह आयोजन दिल्ली के 16 अलग-अलग स्टेडियमों में होगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ी और दर्शक इससे जुड़ सकें. प्रतियोगिता में जीतने वाली टीमों और खिलाड़ियों को अच्छी पुरस्कार राशि भी दी जाएगी, जिससे खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा.

76 करोड़ का बजट तय

इस अवसर पर खेल महाकुंभ के मैस्कॉट को भी लॉन्च किया गया. आशीष सूद ने कहा कि मैस्कॉट युवाओं और बच्चों को खेलों से जोड़ने का प्रतीक होगा. उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली सरकार ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए 76 करोड़ रुपये का बजट तय किया है, जिससे स्टेडियमों के सुधार, प्रशिक्षण सुविधाओं और खिलाड़ियों की जरूरतों पर खर्च किया जाएगा.

खेल ढांचे और योजनाओं की कमी हो रही थी महसूस

गौरतलब है कि दिल्ली में पहले भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई खिलाड़ी सामने आए हैं, लेकिन लंबे समय से खेल ढांचे और योजनाओं की कमी महसूस की जा रही थी. सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में सैकड़ों सरकारी और निजी खेल मैदान हैं, लेकिन सही योजना और संसाधनों के अभाव में उनका पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा था. अब सरकार का दावा है कि खेल महाकुंभ जैसे आयोजनों से न सिर्फ प्रतिभा को पहचान मिलेगी, बल्कि युवाओं को नशे और गलत रास्तों से दूर रखकर स्वस्थ जीवन की ओर भी प्रेरित किया जाएगा. 

‘प्रतियोगिता नहीं खिलाड़ियों के भविष्य को संवारने की शुरुआत’

दिल्ली सरकार का कहना है कि खेल महाकुंभ केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के भविष्य को संवारने की शुरुआत है. आने वाले समय में ऐसे और आयोजन किए जाएंगे, ताकि दिल्ली सच मायनों में देश की खेल राजधानी बन सके.

AZMI DESK

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