स्वास्थ्य

क्या ब्रेन रॉट दिमाग को वाकई पहुंचा रहा नुकसान? डॉक्टर ने बताया माइंडलेस स्क्रॉलिंग का असर

डॉक्टर बताते हैं कि रोजाना दो घंटे या उससे ज्यादा माइंडलेस स्क्रॉलिंग करने से दिमाग के ग्रे मैटर में कमी आ सकती है. यह असर दिमाग के उन हिस्सों पर पड़ता है, जो याददाश्त, फोकस और फैसले लेने से जुड़े होते हैं. लंबे समय में इससे ध्यान लगाने और जानकारी याद रखने में दिक्कत हो सकती है.

डॉक्टर बताते हैं कि रोजाना दो घंटे या उससे ज्यादा माइंडलेस स्क्रॉलिंग करने से दिमाग के ग्रे मैटर में कमी आ सकती है. यह असर दिमाग के उन हिस्सों पर पड़ता है, जो याददाश्त, फोकस और फैसले लेने से जुड़े होते हैं. लंबे समय में इससे ध्यान लगाने और जानकारी याद रखने में दिक्कत हो सकती है.

AZMI DESK

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