देश

दिल्ली के बाद अब हैदराबाद के ‘शीशमहल’ पर बवाल, नए नवेले मंत्री बने अजहरुद्दीन ने सरकारी घर में लगा दिए 76 लाख

तेलंगाना में एक बड़ा विवाद छिड़ गया है. कांग्रेस सरकार ने पूर्व क्रिकेटर और अब अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद अजहरुद्दीन के सरकारी बंगले की मरम्मत और रेनोवेशन के लिए 76 लाख रुपए मंजूर किए हैं. यह खबर सामने आने के बाद विपक्ष और जनता में काफी आक्रोश है, क्योंकि सरकार बार-बार कहती है कि उसके पास पैसे की कमी है.

मिनिस्टर क्वार्टर नंबर 29 की मरम्मत होगी

यह पैसा हैदराबाद के बंजारा हिल्स इलाके में स्थित मिनिस्टर क्वार्टर नंबर 29 की मरम्मत पर खर्च होगा. यह सरकारी आवास लंबे समय से खाली पड़ा था और लगभग 15 साल से कोई इस्तेमाल नहीं कर रहा था. इसलिए इसमें काफी खराबी आ गई थी. मरम्मत के काम में छत की वाटरप्रूफिंग, फ्लोर टाइलिंग, UPVC खिड़कियां लगाना, मॉड्यूलर किचन बनाना, दीवारों की मरम्मत, पेंटिंग और अन्य जरूरी बदलाव किए जाएंगे. ये काम रोड्स एंड बिल्डिंग्स डिपार्टमेंट के तहत कैपिटल आउटले के लिए सरकारी आवासों के फंड से किए जा रहे हैं. आदेश हाल ही में जारी हुए हैं और अब ये सार्वजनिक हो गए हैं.

विपक्षी पार्टियों ने कांग्रेस पर उठाए सवाल

विपक्ष का कहना है कि सरकार वेलफेयर स्कीम्स, पेंडिंग बिल्स, कर्मचारियों के बकाया और विकास परियोजनाओं के लिए पैसे की कमी बताती है, लेकिन मंत्रियों के आवासों पर लाखों रुपए खर्च कर रही है. पिछले दो हफ्तों में ही दो मंत्रियों के आवासों पर रेनोवेशन के लिए 1 करोड़ रुपए से ज्यादा मंजूर हुए हैं. इसमें स्वास्थ्य मंत्री के बंगले पर 30 लाख रुपए भी शामिल हैं.

विपक्ष के विरोध पर सरकार ने क्या प्रतिक्रिया दी?

सरकार की तरफ से सफाई दी गई है कि यह आवास 15 साल से खाली था और बहुत खराब हालत में था. मंत्री को आवंटित होने के बाद इसे रहने लायक बनाने के लिए मरम्मत जरूरी थी. यह कोई लग्जरी नहीं, बल्कि बेसिक रिपेयर और हैबिटेबल बनाने का काम है.

मोहम्मद अजहरुद्दीन भारत के मशहूर क्रिकेट कप्तान रहे हैं और हाल ही में तेलंगाना कैबिनेट में शामिल हुए हैं. वे अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हैं. यह विवाद राजनीतिक बहस का विषय बन गया है और लोग सवाल कर रहे हैं कि प्राथमिकताएं क्या हैं, आम जनता की जरूरतें या मंत्रियों के आवास?

AZMI DESK

Related Articles

Back to top button
WhatsApp Join Group!