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West Bengal: हिंदू कम्युनिस्ट से अच्छे कांग्रेसियों को बीजेपी का बुलावा, क्या इस तरह TMC को टक्कर दी जा सकती है?

West Bengal News: पश्चिम बंगाल में कुछ ही महीनों बाद विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. ऐसे में राज्य की सियासत पूरी तरह गरमा चुकी है. हर राजनीतिक दल अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश में लगा है. खासतौर पर यह सवाल चर्चा में है कि क्या तृणमूल कांग्रेस के विरोधी वोट एकजुट हो पाएंगे और क्या इससे बीजेपी को फायदा मिलेगा.

2026 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी के भीतर एक नई रणनीति को लेकर चर्चा तेज हो गई है. पार्टी के कुछ नेता ‘अच्छे कांग्रेसी’ वामपंथी और यहां तक कि तृणमूल के असंतुष्ट नेताओं को भी बीजेपी के मंच पर लाने की बात कर रहे हैं. अभिनेता और बीजेपी नेता मिथुन चक्रवर्ती ने ‘हिंदू कम्युनिस्टों’ को आमंत्रित किया, वहीं प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने ‘अच्छे कांग्रेसियों’ को बीजेपी से जुड़ने का संदेश दिया.

सवाल यह है कि क्या इस रणनीति से वाम और कांग्रेस का वोट बीजेपी की ओर आ पाएगा?

एबीपी आनंदा ने कराया पोल

लोग क्या सोचते हैं, यह जानने के लिए एबीपी आनंदा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, यूट्यूब, एक्स और इंस्टाग्राम पर एक पोल कराया. इस पोल में कुल 709 लोगों ने हिस्सा लिया. सवाल था कि क्या बीजेपी की इस रणनीति से वाम-कांग्रेस के वोट खिंचेंगे. क्या बीजेपी इस नई रणनीति से वाम-कांग्रेस के वोट खींच पाएगी?

हां- 70% कह रहे हैं

नहीं- 28% कह रहे हैं

पता नहीं / नहीं बता सकता- 2% कह रहे हैं

एक हफ्ते पहले, तृणमूल विधायक मणिरुल इस्लाम की उपस्थिति में फरक्का बीडीओ कार्यालय में तोड़फोड़ हुई थी. एक हफ्ते बाद भी, बीडीओ कार्यालय में उनका बेरोकटोक दबदबा दादागिरी! जो चाहते हैं, वही कर रहे हैं.

बीडीओ कार्यालय में विधायक का दबदबा जारी

पुलिस के सामने सवाल उठता है, प्रशासन कहां है? गुरुवार को चुनाव आयोग ने समय सीमा तय करते हुए मणिरुल इस्लाम के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया, लेकिन यह पता नहीं चला कि राज्य प्रशासन ने ऐसा किया है या नहीं. तोड़फोड़ के बाद भी फरक्का में बीडीओ कार्यालय में विधायक का दबदबा जारी है.

सवाल- क्या जिले-जिले में सरकारी दफ्तर स्थानीय नेता चला रहे हैं? लोग क्या कह रहे हैं?  

हां- 65 % कह रहे हैं

नहीं- 33 % कह रहे हैं

पता नहीं- 2 % कह रहे हैं

तोड़फोड़ के मामले में गिरफ्तार लोगों को जमानत मिलने पर सत्तारूढ़ दल ने उनका अभिनंदन किया. क्या इससे राजनीति से जुड़े बदमाशों को और प्रोत्साहन मिलेगा? हां 89 % कह रहे हैं नहीं 9 % कह रहे हैं.

AZMI DESK

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